बाढ़, जलभराव या प्राकृतिक आपदा से खरीफ फसल प्रभावित होने पर किसान 14447 पर दर्ज कराएं सूचना, 7 दिवस में होगा खेतों का निरीक्षण
दमोह। जिले में हाल ही में हुई अतिवृष्टि और लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में जलभराव तथा बाढ़ जैसी स्थिति बनने से खरीफ फसलों के प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत समय सीमा में फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने की अपील की है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के किसानों से कहा है कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसल का बीमा कराया है और उनकी फसल अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव अथवा अन्य प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त हुई है, वे फसल नुकसान की सूचना तत्काल दर्ज कराएं। कलेक्टर ने किसानों से विशेष रूप से कहा है कि फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना आवश्यक है, ताकि नियमानुसार सर्वेक्षण एवं बीमा दावा संबंधी कार्रवाई समय पर शुरू हो सके।
14447 पर दर्ज कराएं फसल क्षति की सूचना
प्रशासन के अनुसार प्रभावित किसान फसल नुकसान की सूचना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के हेल्पलाइन नंबर 14447 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि नुकसान होने की जानकारी मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराने में अनावश्यक देरी न करें और निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें।
फसल क्षति की सूचना समय पर दर्ज होने के बाद संबंधित बीमा कंपनी को इसकी जानकारी प्राप्त होगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रभावित फसल का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
7 दिवस के भीतर मौके पर पहुंचेगी बीमा कंपनी की टीम
कलेक्टर यादव ने बताया कि फसल क्षति की शिकायत दर्ज होने के बाद बीमा कंपनी के अधिकारी नियमानुसार 7 दिवस के भीतर प्रभावित खेत पर पहुंचकर फसल का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार बीमा दावा राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य यह है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता का लाभ समय पर मिल सके और फसल नुकसान के कारण किसानों पर आने वाले आर्थिक दबाव को कम किया जा सके।
किसान समय सीमा का रखें विशेष ध्यान
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि अतिवृष्टि, बाढ़ या खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने के कारण यदि खरीफ फसल को नुकसान हुआ है तो किसान इसे सामान्य क्षति मानकर छोड़ें नहीं, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसकी सूचना अवश्य दर्ज कराएं।
किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने में 72 घंटे की समय-सीमा का ध्यान रखें, क्योंकि समय पर सूचना मिलने से संबंधित एजेंसी को मौके पर निरीक्षण और क्षति के आकलन की कार्रवाई करने में सुविधा होगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के सभी पात्र किसानों से पुनः आग्रह किया है कि जिनकी बीमित खरीफ फसल अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव अथवा अन्य प्राकृतिक कारणों से प्रभावित हुई है, वे बिना विलंब 14447 नंबर पर सूचना दर्ज कराएं। प्रशासन ने किसानों से समय सीमा के भीतर दावा प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करने की अपील की है, ताकि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई नियमानुसार समय पर सुनिश्चित की जा सके।
