दमोह (मध्य प्रदेश)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अवतरण दिवस श्री रामनवमी का पावन पर्व दमोह नगर में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन, हवन और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। दोपहर के शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के साथ ही “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण कर एक-दूसरे को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं और घर-घर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर श्री राम जी सेवा समिति के तत्वाधान में नगर की लगभग पांच दशक पुरानी परंपरा के अनुसार भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मोरगंज स्थित श्रीराम मंदिर से यात्रा का शुभारंभ हुआ, जहां विधिवत पूजन-अर्चन कर नगर की सुख-समृद्धि की कामना की गई। दमोह सांसद राहुल सिंह ने पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लिया और शोभायात्रा को रवाना किया।
शोभायात्रा के अग्रभाग में धर्मध्वज के साथ श्रीरामदूत पवनपुत्र हनुमान का विशाल चित्र श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहा था। इसके पीछे ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर धार्मिक गीतों और भजनों के साथ नृत्य करती भक्तों की टोलियां चल रही थीं। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप में सजे बालक-बालिकाएं आकर्षण का केंद्र बने रहे। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
यात्रा में गौ-रक्षा और लव जिहाद जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित झांकियां भी प्रदर्शित की गईं, जबकि भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रभक्ति को दर्शाती झांकियां भी लोगों को आकर्षित करती रहीं। श्रद्धालुओं ने नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर जलपान, शीतल पेय और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई।
विशेष रूप से स्थानीय घंटाघर क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। यहां मुस्लिम समाज के लोगों ने भव्य शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और श्री रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस पहल का स्वागत किया, जिससे आपसी सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश प्रसारित हुआ। यह दृश्य शोभायात्रा का विशेष आकर्षण बन गया और लोगों ने इसे दमोह की गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बताया।
शोभायात्रा मोरगंज से प्रारंभ होकर घंटाघर, बकौली तिराहा, टॉकीज तिराहा, पुराना थाना, महाकाली चौक, धगट तिराहा सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः घंटाघर के समीप स्थित अति प्राचीन देव जानकी रमण बूंदाबहू मंदिर पहुंची। यहां परंपरा अनुसार आरती और स्वागत के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा और शोभायात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।रामनवमी के इस पावन अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा ने जहां धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, वहीं घंटाघर पर मुस्लिम समाज द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किए जाने से सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी पूरे नगर में प्रसारित हुआ।
