पंचम नगर बांध से 315 क्यूमेक्स पानी की आवक, शाम 8 बजे तक सीतानगर बांध में पहुंचेगा पानी; डाउनस्ट्रीम के 9 से अधिक गांवों और हटा क्षेत्र में अलर्ट जैसी स्थिति
दमोह। जिले में लगातार हो रही बारिश और बांधों में बढ़ रही पानी की आवक के बीच सीतानगर बांध को लेकर महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। पंचम नगर बांध से 315 क्यूमेक्स जल छोड़ा गया है, जिसके शुक्रवार शाम करीब 8 बजे तक सीतानगर बांध में पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही सीतानगर बांध में पहले से 113 क्यूमेक्स पानी की आवक बनी हुई है। इस स्थिति में शाम करीब 8 बजे तक बांध में कुल जल आवक लगभग 428 क्यूमेक्स तक पहुंचने का अनुमान है।
जलस्तर को नियंत्रित रखने और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीतानगर बांध के चार गेट खोलने का निर्णय लिया गया है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार शाम 7 बजे बांध के चारों गेटों को एक-एक मीटर की ऊंचाई पर खोला जाएगा। इन गेटों के माध्यम से बांध से करीब 452 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा।पंचम नगर से छोड़ा गया पानी सीतानगर बांध तक पहुंचने के बाद यहां जल आवक बढ़ने की संभावना है। बांध से पानी छोड़े जाने का सीधा असर सुनार नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों, किसानों और नदी पार कर आवागमन करने वाले ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सुनार नदी के जलस्तर में हो सकती है वृद्धि
सीतानगर बांध से 452 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने के कारण सुनार नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन की ओर से नदी के तटबंधों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।विशेष रूप से नदी के किनारे बसे और बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आने वाले गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में नदी, नालों और पुल-पुलियों के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
इन गांवों पर रहेगा पानी बढ़ने का असर
सीतानगर बांध के डाउनस्ट्रीम में आने वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इनमें—
- सीतानगर
- मडकोला
- पिपरिया मिसर
- खेजरा कबीरपुर
- बेलापुरवा
- देवकर कुशवाहा
- भदभदा हर्रत
- जमुनिया
- हटा
क्षेत्र शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखें और किसी भी परिस्थिति में नदी के तट, घाट अथवा तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें।
पुल-पुलियों पर विशेष सावधानी की अपील
जलस्तर बढ़ने के साथ ही पुल-पुलियों पर पानी आने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और राहगीरों से अपील की गई है कि वे पानी के तेज बहाव के बीच पुल-पुलिया पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों से कहा है कि नदी के तटबंधों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें। ग्रामीणों से यह भी अपील की गई है कि वे बच्चों और पशुओं को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने दें।
पंचम नगर और सीतानगर बांध की स्थिति पर नजर
पंचम नगर बांध सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में स्थित है, जबकि सीतानगर बांध दमोह जिले के पथरिया विधानसभा क्षेत्र में आता है। पंचम नगर बांध से छोड़े गए पानी का प्रभाव आगे सीतानगर बांध की जल आवक पर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सीतानगर बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलने का निर्णय लिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचम नगर बांध से 315 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। सीतानगर बांध में पहले से 113 क्यूमेक्स पानी की आवक होने के कारण कुल संभावित आवक 428 क्यूमेक्स तक पहुंच सकती है। बांध से करीब 452 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद सुनार नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।प्रशासन की अपील है कि सभी लोग सतर्क रहें, नदी के तटबंधों से दूरी बनाए रखें और पुल-पुलियों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न लें।
