दमोह। होटल रॉयल दमयंती पैलेस, दमोह में 19 सितंबर 2026 को पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान कैटरिंग कार्य के बीच गैस सिलेंडर से हुई अग्नि दुर्घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। हादसे में लोगों के झुलसने और दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद अब प्रशासन ने घटना के प्रत्येक पहलू की तथ्यात्मक जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल गठित किया है। जांच दल को अपनी संयुक्त रिपोर्ट तीन दिवस के भीतर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दमोह के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार जांच का उद्देश्य घटना की वास्तविक परिस्थितियों, आग लगने के कारणों, होटल में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, संभावित कमियों और घटना से जुड़े उत्तरदायित्व से संबंधित तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण करना है। प्रशासन ने जांच दल को विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
चार अधिकारियों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
हादसे की जांच के लिए गठित दल में अनुविभागीय दंडाधिकारी, दमोह, नगर पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, दमोह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद दमोह तथा जिला आपूर्ति अधिकारी, दमोह को शामिल किया गया है।चारों अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित बिंदुओं की जांच करते हुए समन्वित रूप से संयुक्त जांच प्रतिवेदन तैयार करना होगा। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पर सभी सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर होंगे और इसे निर्धारित समय सीमा में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
क्या था हादसे का पूरा घटनाक्रम?
19 सितंबर शनिवार को होटल रॉयल दमयंती पैलेस में एक पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम के दौरान कैटरिंग का कार्य भी चल रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक आग भड़कने की घटना सामने आई थी। आग की चपेट में आने से कई लोग प्रभावित हुए थे और घटना के बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया था।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची थी। होटल में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया, जबकि नगर पालिका की दमकल भी मौके पर पहुंची थी। घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया था।घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत होने की जानकारी सामने आई। इससे पहले एक अन्य व्यक्ति की दमोह जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हुई थी।
फायर अलार्म और आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी जांच
जांच दल को यह विशेष रूप से परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं कि होटल में अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं या नहीं। जांच में यह देखा जाएगा कि होटल में फायर अलार्म व्यवस्था किस स्थिति में थी और आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम मौके पर मौजूद थे अथवा नहीं।इसके साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि आग लगने की स्थिति में होटल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निर्धारित आपातकालीन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा साधन उपलब्ध थे या नहीं।
फायर एनओसी भी जांच के दायरे में
प्रशासन द्वारा गठित जांच दल होटल भवन से संबंधित अग्नि सुरक्षा दस्तावेजों की भी जांच करेगा। विशेष रूप से यह परीक्षण किया जाएगा कि होटल भवन के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग से फायर अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी फायर एनओसी प्राप्त की गई थी या नहीं।यदि फायर एनओसी प्राप्त की गई थी तो उसकी वैधता, उसमें निर्धारित शर्तों और होटल द्वारा उन शर्तों के पालन की स्थिति का भी परीक्षण किया जा सकता है। साथ ही होटल में अग्नि सुरक्षा से संबंधित उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति की जानकारी भी जांच का हिस्सा होगी।
कैटरिंग व्यवस्था और गैस सिलेंडर के उपयोग की भी पड़ताल
हादसा कैटरिंग कार्य के दौरान हुआ था, इसलिए जांच दल द्वारा कैटरिंग व्यवस्था से जुड़े पहलुओं का भी परीक्षण किया जाएगा। गैस सिलेंडर का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा था, सिलेंडर कहां रखा गया था, उसके आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और कैटरिंग कर्मचारियों द्वारा निर्धारित सुरक्षा सावधानियों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इन बिंदुओं पर भी तथ्य जुटाए जाएंगे।घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों से प्राप्त जानकारी को भी जांच में शामिल किया जा सकता है, ताकि आग लगने से पहले और उसके बाद की घटनाओं का क्रम स्पष्ट हो सके।
आयोजनकर्ताओं द्वारा बरती गई सावधानियों की भी होगी जांच
प्रशासनिक आदेश में आयोजनकर्ताओं द्वारा आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरते जाने की स्थिति का परीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जांच दल यह देखेगा कि कार्यक्रम के आयोजन के दौरान आग और अन्य आपात परिस्थितियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाई गई थीं या नहीं।इसके अलावा घटना से जुड़े ऐसे अन्य महत्वपूर्ण बिंदु, जो जांच के दौरान सामने आते हैं, उन्हें भी अंतिम जांच प्रतिवेदन में शामिल किया जाएगा।
तीन दिन में देनी होगी संयुक्त रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने जांच दल को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार जांच दल को तीन दिवस के भीतर अपनी संयुक्त हस्ताक्षरित जांच रिपोर्ट कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दमोह के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।रिपोर्ट में घटना के कारण, सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति, फायर सेफ्टी से संबंधित दस्तावेज, गैस सिलेंडर एवं कैटरिंग व्यवस्था, आयोजन के दौरान बरती गई सावधानियां तथा जांच के दौरान सामने आए अन्य तथ्यों का उल्लेख किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
होटल रॉयल दमयंती पैलेस में हुए हादसे के बाद गठित चार सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट अब महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और होटल तथा आयोजन के दौरान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया गया था।फिलहाल प्रशासन ने जांच को निष्पक्ष और तथ्यात्मक तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जांच दल द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण कर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
