क्षिप्रा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के यात्रियों को कराया शीतल जलपान, यात्रियों ने कहा— “ऐसी सेवा ही समाज में मानवता को जीवित रखे हुए है”
(डॉ.एल. एन. वैष्णव)
दमोह। भीषण गर्मी और तपती दोपहर के बीच जब तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, तब दमोह का गायत्री परिवार मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। रेलवे स्टेशन पर आयोजित शीतल पेयजल सेवा अभियान के माध्यम से गायत्री परिवार के सेवादारों ने सैकड़ों रेल यात्रियों की प्यास बुझाकर न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और मानवता का जीवंत संदेश भी दिया।
दमोह रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस सेवा अभियान के दौरान हावड़ा से इंदौर और इंदौर से हावड़ा के मध्य संचालित क्षिप्रा एक्सप्रेस सहित विभिन्न ट्रेनों के यात्रियों को शीतल जल एवं पेयजल वितरित किया गया। भीषण गर्मी से परेशान यात्रियों के चेहरे उस समय खिल उठे जब उन्हें स्टेशन पर निःस्वार्थ भाव से ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया गया। कई यात्रियों ने गायत्री परिवार के इस प्रयास को न केवल सराहनीय बताया बल्कि इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल भी कहा।
यात्रियों ने कहा— सेवा का यह भाव दिल को छू गया
क्षिप्रा एक्सप्रेस की जनरल बोगी में यात्रा कर रहे कई यात्रियों ने गायत्री परिवार के सेवा कार्य की खुलकर प्रशंसा की। यात्रियों का कहना था कि आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपने निजी कार्यों में व्यस्त हैं, वहीं ऐसे सेवा कार्य यह विश्वास दिलाते हैं कि समाज में संवेदनशीलता और मानवता आज भी जीवित है।
हावड़ा से इंदौर की यात्रा कर रहे एक यात्री ने कहा कि लंबी यात्रा के दौरान पानी की उपलब्धता कई बार चुनौती बन जाती है। ऐसे में स्टेशन पर निःशुल्क शीतल जल मिलना किसी राहत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार के सेवादारों का यह कार्य वास्तव में अनुकरणीय है।
एक अन्य यात्री ने कहा कि यह केवल पानी पिलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और मानवता को मजबूत करने का अभियान है। सेवा कार्य में लगे लोगों की मुस्कान और समर्पण देखकर यह महसूस होता है कि समाज में आज भी अच्छे कार्य करने वाले लोगों की कमी नहीं है।
कई यात्रियों ने यह भी कहा कि यदि हर शहर और हर सामाजिक संगठन इस प्रकार के सेवा कार्यों को आगे बढ़ाए, तो समाज में सहयोग, सद्भाव और संवेदनशीलता की भावना और अधिक मजबूत हो सकती है।
“नर सेवा ही नारायण सेवा” को किया चरितार्थ
गायत्री परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह अभियान पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों और “नर सेवा ही नारायण सेवा” के सिद्धांत से प्रेरित होकर चलाया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल यात्रियों की प्यास बुझाना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, परोपकार और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है।
उन्होंने कहा कि सेवा किसी विशेष अवसर की मोहताज नहीं होती। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन किसी एक जरूरतमंद की सहायता करने का संकल्प ले ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगेगा। जल सेवा जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी लोगों के जीवन में बड़ी राहत और खुशियां ला सकते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा बना अभियान
आज के दौर में जब सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को सहेजने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है, तब दमोह का गायत्री परिवार सेवा और समर्पण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि सेवा के लिए बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि संवेदनशील हृदय और दूसरों के प्रति सकारात्मक सोच ही सबसे बड़ा साधन है।
गायत्री परिवार का यह प्रयास न केवल यात्रियों की प्यास बुझा रहा है, बल्कि समाज में मानवता, सहयोग और परोपकार की भावना को भी मजबूत कर रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में किया जा रहा यह सेवा कार्य वास्तव में मानवता की सच्ची पूजा और समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आया है।
इन सेवादारों ने निभाई सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
आज रेल यात्रियों की जल सेवा कर आनंद का अनुभव करने वाले सेवादारों में सर्वश्री रवि शंकर अग्रवाल, पंकज हर्ष श्रीवास्तव, नीरज हर्ष श्रीवास्तव, बृजेश सेन, राकेश राठौर, अनुराग राठौर, भूपेंद्र तिवारी, लखन शुक्ला, रीतेश पटेल, मनोज गुप्ता, मृदुल हर्ष, हर्ष पाठक, अमिताभ श्रीवास्तव, सोहिल राजपूत, हर्ष पटेल, प्रदीप खरे, मधुर असाटी, महेंद्र (मोनू) ठाकुर, पलाश नेमा, अक्षांश गुप्ता, लखन तंतुवाय एवं प्रखर गर्ग सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
समाज के लिए संदेश
“यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में प्रतिदिन किसी एक जरूरतमंद की सहायता करने का संकल्प ले ले, तो समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और मानवता की नई क्रांति लाई जा सकती है।”
दमोह का गायत्री परिवार इसी विचार को व्यवहार में उतारते हुए सेवा को संस्कार और मानवता को अपना धर्म मानकर लगातार समाजहित में कार्य कर रहा है।
