मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के आंदोलन को नई दिशा, अगस्त में नीमच और भोपाल में बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार
इन्दौर, 10 जुलाई 2026/मध्यप्रदेश में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने तथा पुजारी समाज के अधिकारों की रक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब व्यापक स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को इन्दौर के सर्वहारानगर स्थित बलवीर हनुमान मंदिर, त्रिवेणेश्वर धाम परिसर में संतों, महंतों, पुजारियों एवं सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे आंदोलन की आगामी रणनीति, संगठन विस्तार तथा जनजागरण अभियान को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक का आयोजन आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल भारत, रामानंदी नवनिर्वाण सेना (मध्यप्रदेश) एवं वैष्णव बैरागी ब्राह्मण समाज संघ, इन्दौर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। बैठक की अध्यक्षता आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल भारत के प्रदेश अध्यक्ष महंत जितेन्द्र दास महाराज ने की।
बैठक में उपस्थित संतों और समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश के मंदिरों, मठों और धार्मिक संस्थाओं की परंपरागत व्यवस्था को सुरक्षित रखने तथा पुजारी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों के सरकारी प्रबंधन, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और पुजारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अगस्त में होगा बड़ा संत सम्मेलन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 एवं 21 अगस्त 2026 को नीमच में लगभग 500 नागा संन्यासियों सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से संत, महंत, पुजारी एवं धर्माचार्य एकत्रित होंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में आंदोलन की आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा तथा मंदिरों से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
इसके साथ ही राजधानी भोपाल में प्रस्तावित बड़े आंदोलन की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाकर अधिक से अधिक संतों, पुजारियों एवं समाजजनों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में प्रत्येक जिले और संभाग स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से पुजारी समाज की समस्याओं को एकत्रित कर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। साथ ही धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण को लेकर जनसमर्थन बढ़ाने का अभियान भी चलाया जाएगा।
बड़ी संख्या में संत, महंत और समाज प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अवधेश दास महाराज, महामंडलेश्वर विजय रामदास महाराज, योगीनाथ महाराज, दिनेश पुरी महाराज, मनीष पुरी महाराज, जयमाला वैष्णव, महंत राजेन्द्र दास बैरागी, रामानंदी नवनिर्वाण सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित बैरागी, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बैरागी, इन्दौर जिला अध्यक्ष राहुल बैरागी, वैष्णव बैरागी ब्राह्मण समाज संघ इन्दौर के अध्यक्ष कृष्णा बैरागी, महासचिव संजय शर्मा, एम.डी. महंत, कोषाध्यक्ष चन्द्रभूषण वैष्णव, युवा प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश वैष्णव, रामेश्वर दास बैरागी सहित इन्दौर संभाग के अनेक संत, महंत, पुजारी एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आंदोलन को और व्यापक बनाने का लिया संकल्प
बैठक के समापन पर सभी संतों, महंतों एवं संगठन पदाधिकारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि मंदिरों की स्वतंत्रता, सनातन परंपराओं की रक्षा तथा पुजारी समाज के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रदेशव्यापी अभियान को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही प्रदेशभर के संतों, महंतों, पुजारियों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से 20-21 अगस्त को नीमच तथा आगामी भोपाल आंदोलन में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
