17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 16 स्टेशन, इंदौर से उज्जैन और पीथमपुर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी
(आचार्य नारायण वैष्णव)
इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को शनिवार को लोक परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर मेट्रो के विस्तारित चरण का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा करीब 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक विकसित किए गए मेट्रो कॉरिडोर की शुरुआत कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर की गई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल विशेष रूप से मौजूद रहे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में मेट्रो का विस्तार केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर के विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के आगामी चरणों के माध्यम से इंदौर को उज्जैन, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य भी आगे बढ़ाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो के पहले चरण को नागरिकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब इसे शहर के अंदरूनी हिस्सों तक विस्तार दिया जा रहा है। आने वाले समय में यह नेटवर्क इंदौर सहित पूरे मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
17 किलोमीटर के कॉरिडोर में 16 स्टेशन
इंदौर मेट्रो के इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 17 किलोमीटर है और इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं। नए कॉरिडोर के जुड़ने से शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक मेट्रो की पहुंच बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इंदौर मेट्रो के नए चरण की शुरुआत शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मेट्रो केवल यातायात का साधन नहीं है, बल्कि शहरों के विकास, उद्योग, व्यापार और रोजगार को गति देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में लगभग 245 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क संचालित था, जबकि अब देश के 26 शहरों में करीब 1,170 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क विकसित हो रहा है।
इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना को भी क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि करीब 18 हजार 500 करोड़ रुपये की इस परियोजना से इंदौर, मालवा और मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों को महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा संपर्क प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में गुना से उज्जैन, उज्जैन से इंदौर और इंदौर से मनमाड़ तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से क्षेत्र में परिवहन और व्यापार की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
पीथमपुर, महू, देवास और उज्जैन तक मेट्रो विस्तार की योजना
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर मेट्रो का उद्देश्य केवल शहर के भीतर यातायात को आसान बनाना नहीं, बल्कि इंदौर के आसपास के क्षेत्रों को जोड़ते हुए शहर का विकेंद्रीकृत और समग्र विकास करना है।
उन्होंने बताया कि मेट्रो को आगे पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन और मक्सी तक विस्तारित करने की दीर्घकालिक योजना है। अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर क्षेत्र में मेट्रो से जुड़े कार्य लगातार आगे बढ़ने की संभावना है।
मंत्री ने कहा कि शहर की सुंदरता और पहचान को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों में मेट्रो के भूमिगत संचालन पर भी विचार किया जा रहा है। विशेष रूप से एमजी रोड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भूमिगत मेट्रो से शहर के सौंदर्य को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित विधायक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
इंदौर मेट्रो के विस्तार को शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के आगे विस्तार से इंदौर के उद्योग, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
