इंदौर/ स्वच्छता में लगातार देशभर में अग्रणी रहा इंदौर अब दीर्घकालिक शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है। नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 8,455 करोड़ रुपये का ई-बजट महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने परिषद में पेश किया। पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत इस बजट में अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखते हुए विजन-2050 की आधारशिला रखी गई है। खास बात यह रही कि शहरवासियों पर कोई नया कर नहीं लगाया गया, जिससे आम नागरिकों को राहत मिली है।महापौर ने अपने विस्तृत बजट भाषण में 8,455 करोड़ रुपये की आय और 8,443 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान पेश करते हुए इसे इंदौर को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर का मॉडल शहर बनाने की दिशा में रोडमैप बताया।
श्रद्धांजलि पर हंगामा, सदन में नारेबाजी
बजट सत्र की शुरुआत शोक प्रस्ताव से हुई, लेकिन कांग्रेस पार्षदों द्वारा ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया। उन्हें शहीद बताए जाने पर भाजपा पार्षदों ने विरोध किया और सदन में जय श्रीराम व मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे। विपक्ष ने भागीरथपुरा हादसे के पीड़ितों को प्राथमिकता न देने का मुद्दा उठाकर विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल गर्मा गया।
अमृत-2 और नर्मदा-4 से मजबूत होगी जल व्यवस्था
शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जल प्रदाय प्रणाली को बजट में प्राथमिकता दी गई है। अमृत-2 योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें नई टंकियों का निर्माण और वितरण नेटवर्क मजबूत करना शामिल है। नर्मदा चतुर्थ चरण परियोजना को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और प्रत्येक वार्ड में वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सीवरेज विस्तार और वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस
ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने के लिए 291 करोड़ रुपये से 100 किमी नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। कुल 750 किमी नेटवर्क विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। बायो-सीएनजी प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी की जाएगी, जबकि 200 टीडीपी का नया कचरा प्रबंधन प्लांट और जीरो वेस्ट ज़ू विकसित करने की योजना है।
सड़क, पुल और सुपर एलिवेटेड कॉरिडोर
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत मास्टर प्लान सड़कों को समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया है। कुशवाह नगर में नई सड़क, शहर में 23 नए पुल और सुपर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे यातायात सुगम बनाया जा सके।
डिजिटल इंदौर की पहल
डिजिटल सिटी के तहत 35,000 घरों को डिजिटल आईडी दी जाएगी। नगर निगम के 30 लाख पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर प्रशासनिक प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने की योजना है।
विपक्ष का अनोखा विरोध
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने अलग-अलग तरीके से विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष काली पट्टी बांधकर पहुंचे, एक पार्षद टी-शर्ट पर नाली का पानी लिखकर आए, जबकि दूसरे पार्षद गंदे पानी की बोतल लेकर पहुंचे। हंगामे के बीच कुछ समय के लिए साउंड सिस्टम भी बंद करना पड़ा।अब इस बजट पर अगली बैठक में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। यह बजट शहर के दीर्घकालिक विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
