दमोह। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड के नरसिंहगढ़ प्लांट द्वारा आयोजित दस दिवसीय पर्यावरण जागरूकता अभियान का समापन उत्साह और जनसहभागिता के साथ किया गया। पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में औद्योगिक इकाई, ग्रामीण समुदाय और विभिन्न सामाजिक वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
“क्लाइमेट एक्शन” विषय पर केंद्रित इस अभियान के दौरान पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण, जनसंवाद, पर्यावरण विषयक प्रतियोगिताएं, स्वच्छता एवं जल संरक्षण संबंधी गतिविधियां तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क अभियान आयोजित किए गए।
अभियान की विशेषता यह रही कि केवल फैक्ट्री परिसर तक सीमित रहने के बजाय इसे आसपास के गांवों तक पहुंचाया गया। विभिन्न टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता समझाई तथा पौधारोपण, जल बचत और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। बच्चों और महिलाओं ने भी कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
समापन समारोह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों और श्रमिकों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में व्यक्तिगत योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति से पौधारोपण करने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। औद्योगिक संस्थानों की भूमिका केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
हाइडेलबर्ग सीमेंट के पर्यावरण प्रमुख डॉ. अशोक तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान को सफल बनाने में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, ग्रामीण नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इसी क्रम में कंपनी की पथरिया माइंस और इमलाई ग्राइंडिंग यूनिट में भी व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए। प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ
