दमोह, 08 अप्रैल 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 09 मई 2026 को पूरे जिले में वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसके सफल संचालन और अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण को लेकर एडीआर भवन, जिला न्यायालय दमोह में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी ने की।बैठक में सभी न्यायाधीशों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को चिन्हित कर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से उनका निराकरण करने का प्रयास करें, ताकि आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
इन प्रकरणों का होगा निराकरण
नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य मामलों का समाधान आपसी सहमति से किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से—
- दांडिक राजीनामा योग्य प्रकरण
- सिविल मामले
- विद्युत विवाद
- चेक बाउंस प्रकरण
- मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
- वैवाहिक विवाद
- अन्य राजीनामा योग्य मामले
इन सभी मामलों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा, जिससे लंबित प्रकरणों में कमी आएगी और पक्षकारों को शीघ्र राहत मिल सकेगी।
लंबित प्रकरण चिन्हित करने के निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने कहा कि न्यायाधीश अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची तैयार करें और संबंधित पक्षकारों को नेशनल लोक अदालत में समझौते के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का त्वरित और स्थायी समाधान संभव है।
बैठक में उपस्थित न्यायाधीशों ने आश्वासन दिया कि वे अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित कर नेशनल लोक अदालत में उनका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।
भौतिक व वर्चुअल माध्यम से जुड़े न्यायाधीश
बैठक में विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी उदय सिंह मरावी सहित मुख्यालय में पदस्थ न्यायाधीश भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि तहसीलों में पदस्थ न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
लोक अदालत के फायदे बताए
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण के निराकरण से दोनों पक्षों का विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो जाता है। लोक अदालत द्वारा पारित अवार्ड के विरुद्ध किसी न्यायालय में अपील नहीं होती। साथ ही सिविल प्रकरणों में जमा न्याय शुल्क भी वापस मिल जाता है।उन्होंने सभी पक्षकारों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए नेशनल लोक अदालत का लाभ उठाएं और आपसी सहमति से विवाद समाप्त करें।
