दमोह/वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने दमोह जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जंगली सूअर का शिकार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्राम बांसनी में की गई इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घर से बड़ी मात्रा में पका, उबला और भुना हुआ मांस, खून से सने हथियार तथा शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
जानकारी के अनुसार वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) ईश्वर जरांडे एवं उपवनमंडल अधिकारी एमडी मानिकपुरी के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 26 जून 2026 को वन परिक्षेत्र दमोह अंतर्गत ग्राम बांसनी में दबिश दी। टीम को सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से वन्यजीव का शिकार कर उसका मांस रखा गया है। सूचना के आधार पर वन अमले ने आरोपियों के घर की तलाशी ली।
घर के कमरे से मिला पका, उबला और भुना हुआ मांस
तलाशी के दौरान एक कमरे में रखे बर्तन एवं डिब्बों से पका, उबला और भुना हुआ मांस बरामद हुआ। वन अधिकारियों ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह मांस जंगली सूअर का है तथा उन्होंने उसका शिकार किया था।
पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर दोबारा तलाशी ली गई, जिसमें घटना से जुड़े कई अहम साक्ष्य बरामद हुए। इनमें खून लगा कुल्हाड़ी का बेंट, खून से सना हरिया (धारदार हथियार), जंगली सूअर के बाल और मांस के अन्य टुकड़े शामिल हैं। वन विभाग ने सभी सामग्री को जब्त कर पंचनामा तैयार किया तथा वैज्ञानिक परीक्षण (फोरेंसिक जांच) के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित कर लिए हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
इस कार्रवाई में आरोपी पच्चू गोंड एवं गोकुल गोंड, निवासी ग्राम बांसनी, थाना दमोह देहात के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2(6), 2(20), 9, 39, 50 एवं 51 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 704/26 पंजीबद्ध किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। मामले की विस्तृत विवेचना भी वन विभाग द्वारा की जा रही है।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का शिकार एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। संरक्षित वन्यजीवों के शिकार, मांस रखने, परिवहन या व्यापार करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता का संरक्षण सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
आमजन से की सहयोग की अपील
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी या अन्य वन अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें। समय पर मिली सूचना से वन्यजीवों की रक्षा करने और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।
