सीमांकन और नामांतरण मामलों में लागू होगी ‘पहले आवेदन, पहले निराकरण’ व्यवस्था, त्रुटिपूर्ण आदेशों और लापरवाही पर होगी कार्रवाई
दमोह, 11 जून 2026 /जिले में राजस्व विभाग से जुड़ी लगातार बढ़ रही शिकायतों और लंबित प्रकरणों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसानों और भू-स्वामियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सीमांकन, नामांतरण और अन्य राजस्व मामलों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार अभियान शुरू किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर मीना मसराम सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजस्व न्यायालयों के आदेशों, आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों तथा जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि जिले में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हो रही हैं। इनमें सीमांकन नहीं होना, गलत सीमांकन किया जाना, आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं कराना, फील्ड बुक नहीं देना तथा नामांतरण प्रकरणों में अनावश्यक विलंब जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद शिकायतों में अपेक्षित कमी नहीं आई है। यही कारण है कि अब राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि समस्याओं के मूल कारणों को दूर किया जा सके।
18 न्यायालयों के आदेशों की जांच में सामने आईं चौंकाने वाली खामियां
बैठक के दौरान जिले के 18 राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का रैंडम परीक्षण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा में कई गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ मामलों में केवल आवेदन प्रपत्र अपलोड कर दिए गए थे जबकि आदेश संलग्न नहीं थे। कई प्रकरणों में गलत दस्तावेज अपलोड पाए गए और कुछ मामलों में बिना पर्याप्त कारण दर्ज किए आवेदन निरस्त कर दिए गए।
कलेक्टर ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक प्रकृति के मामलों में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आदेश तथ्यों, दस्तावेजों और नियमों के आधार पर तैयार किए जाएं तथा उनमें निर्णय के स्पष्ट कारण दर्ज हों।
अब हर आदेश होगा ‘स्पीकिंग ऑर्डर’
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में जारी होने वाले सभी आदेश “स्पीकिंग ऑर्डर” के रूप में तैयार किए जाएं। यानी आदेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख हो कि किन तथ्यों और नियमों के आधार पर निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब आदेश स्पष्ट और तर्कसंगत होंगे तो किसान और भू-स्वामी आसानी से निर्णय को समझ सकेंगे और अनावश्यक विवादों तथा अपीलों की संख्या भी कम होगी।
सीमांकन मामलों के लिए विशेष अभियान चलेगा
बैठक में सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों की अलग से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी राजस्व निरीक्षकों से उनके क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और विलंब के कारणों पर जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि सीमांकन संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में अधिक संख्या में प्रकरण लंबित हैं, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
करोड़ों की रोवर मशीन का होगा पूरा उपयोग
जिले में उपलब्ध आधुनिक रोवर मशीन के बेहद कम उपयोग पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मशीन की क्षमता प्रतिदिन तीन से चार सीमांकन करने की है, लेकिन पूरे वर्ष में इसका उपयोग केवल सात मामलों में किया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी तहसीलों के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा और रोवर मशीन को एक-एक सप्ताह के लिए प्रत्येक तहसील में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वर्षों से लंबित सीमांकन प्रकरणों का तेजी से निराकरण संभव होगा।
‘पहले आवेदन, पहले निराकरण’ की नई व्यवस्था
राजस्व मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अब “पहले आवेदन, पहले निराकरण” की व्यवस्था लागू की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि पुराने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी प्रकार की मनमानी या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन प्राप्त होने की तिथि के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को समान अवसर और समय पर न्याय मिल सके।
गांव-गांव पहुंचेंगे अधिकारी, बढ़ेगी निगरानी
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों में जाकर स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, छात्रावासों तथा अन्य शासकीय संस्थानों का निरीक्षण करें और कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें।
साथ ही जनसुनवाई, हल्का निवारण शिविर और अन्य शिकायत निवारण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
कलेक्टर श्री यादव ने दो टूक कहा कि समय पर कार्य नहीं करने वाले पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि तहसीलों और राजस्व कार्यालयों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
किसानों को राहत, राजस्व व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
प्रशासन की इस पहल को जिले के किसानों और भू-स्वामियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों में हो रही देरी और शिकायतों के बीच कलेक्टर के सख्त निर्देशों से राजस्व व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो हजारों लंबित मामलों का निराकरण तेज गति से हो सकेगा और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
