मृतक के पुत्र और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, मौत के कारण की जांच के लिए सागर मेडिकल कॉलेज में पैनल से पोस्टमार्टम के निर्देश

दमोह। 24 सितंबर 2026 गुरुवार की रात हिंडोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौता में जुआ के फड़ पर पुलिस कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की मौत के बाद मामला गरमा गया। मृतक की पहचान शिव सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतक के पुत्र सहित परिजन और ग्रामीण हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होने की बात कही है।
जुआ फड़ पर कार्रवाई के दौरान बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार रात हिनौता गांव में जुआ संचालित होने की सूचना पर हिंडोरिया पुलिस की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पुलिस के अनुसार मौके पर कार्रवाई शुरू होते ही जुआ खेल रहे लोग भागने लगे। इसी दौरान एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस का कहना है कि उसकी स्थिति देखकर तत्काल सीपीआर दिया गया और उसे हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना पर अस्पताल में जुटे परिजन
शिव सिंह की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया।
मृतक के पुत्र और परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पुत्र सहित परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह के साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि पुलिस के साथ जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में परिवार को उनकी हालत खराब होने की जानकारी मिली। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना को राजनीतिक और सामाजिक रंग देने की चर्चा
घटना के बाद हिंडोरिया क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा बनी रही कि कुछ नेताओं और स्थानीय लोगों द्वारा मामले को राजनीतिक एवं सामाजिक रंग देने का प्रयास किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कुछ कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। हालांकि इस संबंध में किसी राजनीतिक दल की ओर से लगाए गए किसी विशिष्ट आरोप अथवा किसी निष्कर्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित रखते हुए मामले की जांच पर जोर दिया गया।
एसपी ने कहा—मेडिकल जांच से स्पष्ट होगा मौत का कारण

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि जुआ के फड़ों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हिनौता में कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी थी।एसपी के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में मृतक को पूर्व से हृदय संबंधी बीमारी होने की बात सामने आई है और उसका उपचार नागपुर में चल रहा था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
सागर मेडिकल कॉलेज में पैनल से पोस्टमार्टम
मौत के कारणों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस प्रशासन ने शव का परीक्षण सागर मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल से कराने के निर्देश दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामले की जांच निष्पक्ष रूप से हो सके और किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो, इसके लिए कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को लाइन अटैच किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हिंडोरिया में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

घटना के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए हिंडोरिया क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। आसपास के थानों और पुलिस लाइन से बल भेजा गया तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर निगरानी रखी गई।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
हिनौता की घटना में मृतक के पुत्र और परिजन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से मृतक की पूर्व स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। ऐसे में मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस कार्रवाई के दौरान बनी परिस्थितियों, मृतक की स्वास्थ्य स्थिति और मौत के कारणों की जांच जारी है।
