बोले– अधिवक्ता संघ राजनीति का मंच नहीं, बल्कि परिवार की तरह है; समाज और अधिवक्ताओं के हितों के लिए पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता से करूंगा कार्य
वरिष्ठ विप्रजनों ने जताया विश्वास, कहा– युवा नेतृत्व से अधिवक्ता संघ को मिलेगी नई दिशा और नई ऊर्जा
दमोह। जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अधिवक्ता मुकेश पांडे का सर्व ब्राह्मण समाज, जिला इकाई दमोह द्वारा आयोजित गरिमामय सम्मान समारोह में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समारोह सामाजिक समरसता, संगठनात्मक एकजुटता और युवा नेतृत्व के सम्मान का साक्षी बना। समाज के वरिष्ठजनों ने पुष्पमालाओं, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका अभिनंदन किया तथा उनके सफल, निष्पक्ष और जनहितैषी कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, वरिष्ठ अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे समारोह के दौरान आत्मीयता और उत्साह का वातावरण बना रहा। वक्ताओं ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ के इतिहास में युवा नेतृत्व का यह अवसर न केवल अधिवक्ता समाज, बल्कि पूरे जिले के लिए नई सोच और नई कार्यशैली का संदेश लेकर आया है।
“यह मेरी नहीं, पूरे अधिवक्ता परिवार के विश्वास की जीत है”

अपने सम्मान से अभिभूत अधिवक्ता मुकेश पांडे ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव किसी राजनीतिक दल की प्रतिस्पर्धा नहीं होता, बल्कि एक परिवार के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उत्सव होता है। चुनाव के दौरान सभी वरिष्ठ, कनिष्ठ, प्रैक्टिसिंग एवं नॉन-प्रैक्टिसिंग अधिवक्ताओं ने जिस संयम, अनुशासन और भाईचारे का परिचय दिया, वह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है।
उन्होंने कहा कि उन्हें जो जनसमर्थन और विश्वास मिला है, वह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता परिवार की सामूहिक जीत है। इस विश्वास को बनाए रखना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने अपने सभी वरिष्ठ अधिवक्ताओं, गुरुजनों, सहयोगियों, मित्रों एवं युवा अधिवक्ताओं का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का स्नेह, मार्गदर्शन और समर्थन उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है।
सबसे कम उम्र में अध्यक्ष बनने पर बोले— जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है
मुकेश पांडे ने कहा कि कम उम्र में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद का दायित्व मिलना उनके लिए गर्व का विषय तो है ही, लेकिन उससे कहीं अधिक यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा होने का अर्थ केवल नई सोच रखना नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई कार्यसंस्कृति और नई जवाबदेही के साथ संगठन को आगे बढ़ाना भी है।
उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल में अधिवक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान, न्यायालयीन व्यवस्थाओं में सुधार, अधिवक्ता कल्याण, युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन तथा संगठन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
दो बार उपाध्यक्ष रहने का अनुभव आएगा काम
अपने संगठनात्मक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें जिला अधिवक्ता संघ में दो बार उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याओं, संगठन की कार्यप्रणाली तथा न्यायालयीन व्यवस्थाओं को निकट से समझा।
उन्होंने कहा कि यही अनुभव उन्हें अध्यक्ष के रूप में बेहतर निर्णय लेने, सभी पक्षों को साथ लेकर चलने तथा संगठन को मजबूत बनाने में सहायता करेगा। उनका प्रयास रहेगा कि संघ में प्रत्येक अधिवक्ता की बात सुनी जाए और सभी को समान सम्मान एवं अवसर मिले।
अधिवक्ता संघ सभी समाजों का प्रतिनिधि संगठन है
मुकेश पांडे ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ किसी एक वर्ग, समाज या विचारधारा का नहीं, बल्कि सभी अधिवक्ताओं का साझा मंच है। अध्यक्ष के रूप में उनका दायित्व है कि वे बिना किसी भेदभाव के सभी सदस्यों के हितों की रक्षा करें।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल न्यायालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में न्याय, संविधान और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अधिवक्ता संघ को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
ब्राह्मण समाज का सम्मान जीवनभर रहेगा याद
सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि समाज ने जिस आत्मीयता, सम्मान और विश्वास के साथ उन्हें अपनाया है, वह उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है।
उन्होंने कहा कि समाज द्वारा मिला यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदार बनाता है। वे सामाजिक दायित्वों एवं अधिवक्ता संघ की जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करते हुए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज की एकता, संस्कार और संगठन ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि सभी वर्ग मिलकर कार्य करें तो समाज के साथ-साथ जिले का भी समग्र विकास संभव है।
वरिष्ठजनों ने युवा नेतृत्व को बताया समय की आवश्यकता
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने अधिवक्ता मुकेश पांडे को युवा, ऊर्जावान, कर्मठ एवं व्यवहार कुशल व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि युवा नेतृत्व से संगठन में नई कार्यशैली और नई सोच का समावेश होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुकेश पांडे अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए जिला अधिवक्ता संघ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे विप्र समाज के सम्मानितजन
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पंडित आर.के. मिश्रा, स्वामी अशोक तिवारी, रोहिणी गौतम, मोनू पाठक, गोपाल बैरागी, भरत दुबे, डॉ. एल.एन. वैष्णव, अनिल बैरागी, स्वतंत्र गौतम, मनीष नगाइच, महेश सिरोठिया, ठाकुर महाराज, संजय सरवरिया, जमुना चौबे, अतुल शर्मा एवं वेद दुबे सहित बड़ी संख्या में विप्र समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सभी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष का पुष्पमालाओं से स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के युवाओं का इस प्रकार नेतृत्व की भूमिका में आगे आना पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।
पं. बी.एम. दुबे ने किया प्रभावशाली संचालन
कार्यक्रम का संचालन पंडित बी.एम. दुबे ने अपने चिर-परिचित, सहज एवं प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने समय-समय पर प्रेरणादायी एवं संदेशपरक कविताओं का पाठ कर समारोह को नई ऊर्जा प्रदान की। उनकी कविताओं ने सामाजिक एकता, संस्कार, संगठन और सेवा का संदेश दिया, जिसकी उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहना की।
आभार के साथ हुआ समारोह का समापन
मनीष नगाइच ने व्यक्त किया आभार, सामाजिक एकता का दिया संदेश
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मनीष नगाइच ने उपस्थित सभी अतिथियों, सर्व ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, समाजबंधुओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सम्मान समारोह को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद देते हुए कहा कि समाज की एकता, संगठन और आपसी सहयोग ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज इसी प्रकार प्रतिभाओं का सम्मान करता रहेगा और सामाजिक समरसता, संस्कार तथा संगठन की भावना को आगे बढ़ाता रहेगा।
सम्मान समारोह सामाजिक एकता, पारिवारिक आत्मीयता, युवा नेतृत्व के सम्मान और संगठनात्मक विश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।
