दमोह में विद्युत मंडल की सख्त कार्रवाई, 16 मामलों में 2.6 लाख वसूले
अधीक्षण अभियंता मोतीलाल साहू ने दी चेतावनी—नियमों का पालन करें, नहीं तो भरना होगा नुकसान
दमोह, 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)जिले में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच अब लापरवाही महंगी पड़ सकती है। बिजली व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को देखते हुए आज दिनांक 21 अप्रैल मंगलवार को विद्युत मंडल की टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी रहा कि नियमों की अनदेखी पूरे सिस्टम को खतरे में डाल सकती है।
जांच के दौरान ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक कार, स्कूटी और चार्जिंग उपकरणों की बारीकी से जांच की गई। इस कार्रवाई में 16 ऐसे मामले सामने आए, जहां अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर वाहनों की चार्जिंग की जा रही थी। इन सभी मामलों में कुल लगभग 2 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।अधीक्षण अभियंता मोतीलाल साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में 4272 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि उपभोक्ता बिना वैध कनेक्शन या बिना लोड बढ़ाए चार्जिंग करते हैं, तो इससे बिजली नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध चार्जिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि यह पूरे विद्युत तंत्र के लिए खतरा है। केबल पर अतिरिक्त भार पड़ने से शॉर्ट सर्किट, ट्रांसफार्मर फेल होने और व्यापक बिजली बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ सकती है।विभाग ने चेतावनी दी है कि अब ऐसे मामलों में केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि “सिस्टम डेमेज चार्ज” भी वसूला जाएगा। यदि किसी की लापरवाही से ट्रांसफार्मर या केबल को नुकसान होता है, तो उसकी पूरी लागत संबंधित उपभोक्ता से ही वसूली जाएगी। साथ ही विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 139 के तहत कानूनी कार्रवाई के साथ वाहन जब्ती तक की नौबत आ सकती है।
मोतीलाल साहू ने नागरिकों से अपील की कि वे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले अपने घर या प्रतिष्ठान का विद्युत लोड नियमानुसार बढ़वाएं। उन्होंने बताया कि एक सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटी 500 से 750 वॉट, ई-रिक्शा लगभग 1.5 किलोवाट और इलेक्ट्रिक कार 7.5 से 11 किलोवाट तक लोड लेती है। ऐसे में बिना उचित व्यवस्था के चार्जिंग करना जोखिम भरा है।उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग ही स्मार्ट शहर और बेहतर व्यवस्था की पहचान है। नागरिक यदि नियमों का पालन करते हैं, तो न केवल वे खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि पूरे जिले की बिजली व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध चार्जिंग, बिजली चोरी या लाइन से छेड़छाड़ की जानकारी मिले, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1912 पर सूचना दें।इलेक्ट्रिक वाहन आधुनिकता की पहचान हैं, लेकिन उनका जिम्मेदार उपयोग ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।
