दमोह। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नोहटा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 18 किलो 520 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 लाख 77 हजार 800 रुपये आंकी गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में जिलेभर में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस
25 मई 2026 को नोहटा थाना पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में अवैध गांजा लेकर क्षेत्र में पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद एसडीओपी तेंदूखेड़ा के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर ग्राम घाट बम्होरी में घेराबंदी की गई।
पुलिस टीम ने संदिग्धों को रोककर पूछताछ और तलाशी ली, जिसमें उनके पास से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, सभी ओडिशा निवासी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में—
- कृष्णचंद्र धल (56 वर्ष), निवासी युवराजपुर, जिला सुबरनपुर (ओडिशा)
- लता साहू (23 वर्ष), निवासी मधपुर, जिला संबलपुर (ओडिशा)
- शांति लता प्रधान (21 वर्ष), निवासी बनियाबंधा, जिला संबलपुर (ओडिशा)
शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी गांजा की खेप मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में खपाने की तैयारी में थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की जांच कर रही है।
युवाओं को नशे से बचाने की मुहिम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों का कारोबार केवल कानून व्यवस्था के लिए ही नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। इसी कारण जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी नोहटा उप निरीक्षक अभिषेक पटेल, चौकी प्रभारी बनवार मनीष यादव, माधव प्रसाद राय, नागेंद्र सिंह परिहार सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई बताया है।
समाज के लिए संदेश
नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक बुराई भी है। ऐसे मामलों में पुलिस की सक्रियता यह संदेश देती है कि युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले तस्करों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
