दमोह में हुई पटवारी संघ की बैठक, धरना स्थल से लेकर व्यवस्थाओं तक हुई विस्तृत चर्चा
दमोह, 1 अगस्त 2026/मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 3 अगस्त 2026 से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को दमोह में पटवारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन को सफल, शांतिपूर्ण एवं संगठित ढंग से संचालित करने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए धरना स्थल की सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पदाधिकारियों ने तय किया कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी। धरना स्थल पर पंडाल, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, बैनर-पोस्टर, आगंतुकों के स्वागत एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं।
जिम्मेदारियों का किया गया वितरण
बैठक में आंदोलन के दौरान होने वाले खर्च, विभिन्न समितियों के गठन, समन्वय, प्रचार-प्रसार तथा संभावित परिस्थितियों से निपटने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। संघ के पदाधिकारियों ने अलग-अलग सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए आंदोलन को अनुशासित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
एकजुटता के साथ आंदोलन सफल बनाने का लिया संकल्प
बैठक में उपस्थित सभी पटवारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी लंबित मांगों पर शासन द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 3 अगस्त से शुरू होने वाली हड़ताल पूरी एकजुटता के साथ की जाएगी। सभी सदस्यों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने का संकल्प लेते हुए समय पर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्णय लिया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख रूप से प्रतीक दुबे, सर्वेंद्र असाटी, विक्रम सोनी, सत्यदीप श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, बृजेश विश्वकर्मा, भूपेंद्र पटेल, बृजेन्द्रनाथ तिवारी, कुंज बिहारी दुबे सहित मध्यप्रदेश पटवारी संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
यदि शासन और पटवारी संघ के बीच समय रहते सहमति नहीं बनती है, तो 3 अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल का असर राजस्व विभाग के दैनिक कार्यों, नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों सहित अन्य राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है।
