1539 वृद्ध हितग्राहियों की बंद पेंशन हुई पुनः प्रारंभ
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 12 जून को प्रेस को दी जानकारी, कहा- पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
( डॉ. हंसा वैष्णव)
दमोह, 12 जून / सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से वंचित वृद्धजनों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सेवा और आशीर्वाद अभियान’ ने हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। अभियान के तहत 1539 पात्र वृद्ध हितग्राहियों की बंद पेंशन पुनः प्रारंभ कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।
शुक्रवार 12 जून को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि 18 मई से 10 जून तक चले इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उन वृद्धजनों तक शासन की सहायता पहुंचाना था, जो पात्र होने के बावजूद तकनीकी कारणों से पेंशन के लाभ से वंचित हो गए थे।
रात्रि चौपालों में सामने आई वृद्धजनों की समस्या
कलेक्टर यादव ने बताया कि जिले में आयोजित रात्रि चौपालों और ग्राम भ्रमण कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि अनेक वृद्धजन कई महीनों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। जांच में सामने आया कि ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनकी पेंशन 8 से 9 माह से बंद थी।
कई वृद्धजन शारीरिक अस्वस्थता, वृद्धावस्था और आर्थिक तंगी के कारण कार्यालयों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। परिणामस्वरूप वे शासन की महत्वपूर्ण योजना से वंचित हो रहे थे।
डाटा विश्लेषण से चिन्हित किए गए 1664 पात्र हितग्राही
समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डाटा विश्लेषण कराया। इस प्रक्रिया में ऐसे 1664 हितग्राहियों की पहचान की गई, जिनकी पेंशन तकनीकी कारणों से बंद थी।
इसके बाद जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर इन सभी हितग्राहियों तक पहुंचने की रणनीति तैयार की गई।
गांव-गांव चस्पा की गई पात्र हितग्राहियों की सूची
अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए पात्र हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतों, वार्डों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की गई। इससे ग्रामीणों को जानकारी मिली और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों की पहचान करने में भी सहायता मिली।
साथ ही जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निकाय अधिकारियों, आधार केंद्र प्रभारियों एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों की बैठकें आयोजित कर अभियान की कार्ययोजना समझाई गई।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
अभियान को सफल बनाने के लिए आधार केंद्र प्रभारियों, रोजगार सहायकों, सचिवों और वार्ड प्रभारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें हितग्राहियों तक पहुंचकर निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन द्वारा अभियान की नियमित समीक्षा की गई और प्रत्येक टीम की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी गई।
घर-घर पहुंचकर किया गया ई-केवाईसी
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशासन स्वयं वृद्धजनों के घर तक पहुंचा। आधार केंद्र प्रभारी बायोमेट्रिक और आइरिस डिवाइस लेकर सीधे हितग्राहियों के घर पहुंचे।
वृद्धजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके घर पर ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई। जिन हितग्राहियों की उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं आ रहे थे, उनके हाथ साफ कराकर और क्रीम लगाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया।
1539 हितग्राहियों को मिला पुनः पेंशन का लाभ
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि 1664 चिन्हित हितग्राहियों में से 1539 का सफलतापूर्वक ई-केवाईसी पूरा कर उनकी पेंशन पुनः प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि शेष हितग्राही वर्तमान में जिले से बाहर हैं। उनके वापस आने पर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें भी योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वृद्धजनों के लिए निःशुल्क रही पूरी प्रक्रिया
अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि कई वृद्धजन ई-केवाईसी के लिए लगने वाला शुल्क देने में सक्षम नहीं थे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि किसी भी पात्र हितग्राही से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सभी वृद्धजनों का ई-केवाईसी पूर्णतः निःशुल्क कराया गया। आधार केंद्र संचालकों द्वारा किए गए अतिरिक्त कार्य का भुगतान एनजीओ के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था की गई।
लगातार मॉनिटरिंग से मिली सफलता
अभियान के दौरान गठित टीमों की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अधिकारियों को समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए और प्रत्येक स्तर पर प्रगति की समीक्षा की गई।
इसी का परिणाम रहा कि निर्धारित अवधि में बड़ी संख्या में हितग्राहियों की पेंशन पुनः प्रारंभ कराने में सफलता मिली।
प्रशासनिक संवेदनशीलता और सुशासन का उदाहरण
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है जब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा और आशीर्वाद अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि वृद्धजनों के सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की पहल है।
हजारों वृद्धजनों के जीवन में लौटी आर्थिक सुरक्षा
अभियान के माध्यम से 1539 वृद्धजनों को पुनः सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिला है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा है।
दमोह जिला प्रशासन की यह पहल जनसेवा, संवेदनशील प्रशासन और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसकी सराहना जिलेभर में की जा रही है।
