23 मई शनिवार को खुदाई के दौरान निकले सिक्के, 24 मई को पुलिस को दी गई सूचना, प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
दमोह। शहर के पुराने फुटेरा मोहल्ले में एक मकान की खुदाई के दौरान पुराने चांदी के सिक्के मिलने का मामला अब जांच का विषय बन गया है। जमीन के भीतर से निकले ऐतिहासिक महत्व के बताए जा रहे सिक्कों को लेकर मजदूरों और मकान मालिक के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार मामला 23 मई शनिवार का है, जब फुटेरा मोहल्ला स्थित एक मकान में खुदाई कार्य के दौरान जमीन के भीतर से पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई। हालांकि मामले की जानकारी तत्काल प्रशासन तक नहीं पहुंची।
बताया जा रहा है कि आज 24 मई रविवार को मकान मालिक आलोक जैन ने पुलिस को सूचना देते हुए खुदाई कार्य में लगे मजदूरों पर सिक्कों को लेकर आरोप लगाए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मौके से 42 पुराने चांदी के सिक्के बरामद किए हैं। वहीं मजदूरों का आरोप है कि खुदाई के दौरान जमीन से केवल इतने ही सिक्के नहीं निकले, बल्कि बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के मिले थे, जिन्हें परिवार के लोगों ने छिपा लिया। मजदूरों ने दावा किया कि जमीन के भीतर से करीब 35 किलो से अधिक चांदी के सिक्के निकले थे।
वहीं मकान मालिक आलोक जैन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जितने सिक्के मिले, उनकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को दे दी गई है। उन्होंने उल्टा मजदूरों पर ही सिक्कों को लेकर संदेह जताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बरामद सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रहा है।
वहीं कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बरामद सिक्कों को सुरक्षित रख लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस बीच आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के संरक्षण सहायक शुभम हर्जरिया ने बरामद सिक्कों को प्रारंभिक तौर पर ऐतिहासिक महत्व का बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार सिक्कों की जांच के बाद उनके कालखंड और ऐतिहासिक महत्व की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और पुराने सिक्कों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। अब पुलिस, प्रशासन और पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
