भूमि विवाद, साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न, धोखाधड़ी, मारपीट और पारिवारिक मामलों सहित विभिन्न शिकायतों पर हुई सुनवाई, कहा— हर फरियादी को मिले समयबद्ध न्याय और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा
(डॉ. एल.एन. वैष्णव )
दमोह/आम नागरिकों को सुलभ, पारदर्शी एवं संवेदनशील पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई के क्रम में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दमोह में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) ने की।
सुबह से ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। जनसुनवाई में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों ने व्यक्तिगत रूप से पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। प्रत्येक शिकायतकर्ता को पर्याप्त समय दिया गया, ताकि वह बिना किसी संकोच के अपनी बात विस्तार से रख सके।
विभिन्न प्रकार के मामलों पर हुई सुनवाई
जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, धोखाधड़ी, साइबर अपराध, मारपीट, महिला उत्पीड़न, संपत्ति संबंधी विवाद, पड़ोसी विवाद, आपराधिक घटनाओं, गुमशुदगी, धमकी, अवैध कब्जे तथा अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों सहित अनेक शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस अधीक्षक ने सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यों पर आधारित जांच करने के निर्देश दिए।
किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को जांच एवं कार्रवाई की प्रगति से भी समय-समय पर अवगत कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का व्यवहार ही जनता का विश्वास मजबूत करता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश
एसपी ने विशेष रूप से महिला अपराध, साइबर ठगी, वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों, बच्चों के विरुद्ध अपराध तथा सामाजिक रूप से संवेदनशील प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विलंब पीड़ित पक्ष की परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कानूनी मार्गदर्शन देकर दूर की गईं शंकाएं
जनसुनवाई में ऐसे कई मामले भी सामने आए, जिनमें शिकायतकर्ताओं को कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी। ऐसे आवेदकों को पुलिस अधिकारियों द्वारा आवश्यक कानूनी सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिन मामलों का समाधान आपसी समझाइश, वैधानिक प्रक्रिया अथवा संबंधित विभागों के समन्वय से संभव था, उनमें भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
तत्काल कार्रवाई योग्य मामलों पर मौके पर दिए निर्देश
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतें ऐसी थीं, जिनमें तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की गई। ऐसे मामलों में पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों को दूरभाष पर निर्देश देते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करने को कहा। साथ ही गंभीर प्रकृति के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जांच की प्रगति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।
जनसुनवाई का उद्देश्य—पुलिस और जनता के बीच बढ़े विश्वास का रिश्ता
पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रत्येक मंगलवार आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे जिला पुलिस प्रमुख के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करना है। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनती है। साथ ही पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ता है तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में जनता का सहयोग भी प्राप्त होता है।
पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगी ने कहा कि दमोह पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लेना, निष्पक्ष जांच कराना और कानून के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले। उन्होंने कहा कि पुलिस की जवाबदेही तभी सार्थक होगी जब आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और उन्हें यह विश्वास हो कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई होगी।
