अभाना में भीषण हादसे के बाद फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क पर लगाया जाम; कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और विधायक जयंत मलैया पहुंचे अस्पताल, पुलिस और परिवहन विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश
दमोह, 10 अक्टूबर 2026, शनिवार। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। घर से स्कूल के लिए निकलीं तीन छात्राओं को क्या मालूम था कि रास्ते में तेज रफ्तार यात्री बस उनकी जिंदगी के लिए काल बनकर सामने आएगी। जिले के अभाना नगर में सुबह लगभग 10 बजे दमोह से जबलपुर की ओर जा रही नाजिश यात्री बस ने तीन स्कूली छात्राओं को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि दो छात्राओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय दमोह में भर्ती कराया गया है।दुर्घटना में यात्री बस में सवार एक व्यक्ति के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।

हादसे के बाद चालक-परिचालक फरार, आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाजिश यात्री बस दमोह से जबलपुर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान स्कूल जा रहीं तीन छात्राएं बस की चपेट में आ गईं। दुर्घटना के बाद चालक और परिचालक के मौके से फरार होने की जानकारी सामने आई है।दो छात्राओं की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। नाराज नागरिकों ने सड़क पर जाम लगाकर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का वातावरण बन गया।
कलेक्टर ने तत्काल भेजा एसडीएम को, स्वयं पहुंचे जिला चिकित्सालय
घटना की जानकारी मिलते ही दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को सक्रिय किया। उन्होंने एसडीएम संजय दुबे को घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए और स्वयं जिला चिकित्सालय पहुंचे।कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी से मोबाइल पर चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को शासन के नियमों के अनुसार जो भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है, वह प्रदान की जाएगी।
विधायक जयंत मलैया भी पहुंचे अस्पताल
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दमोह विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया भी जिला चिकित्सालय पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के अस्पताल पहुंचने से मामले की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। वहीं गंभीर रूप से घायल छात्रा का उपचार जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है।मामले को लेकर एसडीओपी अर्चना अहीर ने भी घटना के संबंध में जानकारी दी है। पुलिस द्वारा दुर्घटना की परिस्थितियों और संबंधित जिम्मेदारियों की जांच की जा रही है।
सवालों के घेरे में बसों की रफ्तार और परिवहन विभाग की निगरानी
इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर यात्री बसों के संचालन, उनकी रफ्तार और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।आखिर आबादी वाले क्षेत्रों में यात्री बसों की रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा? क्या संबंधित बस निर्धारित गति सीमा का पालन कर रही थी? क्या बस के परमिट, फिटनेस और चालक के दस्तावेज नियमानुसार थे? क्या ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त यातायात प्रबंध किए गए हैं?
ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब जांच के बाद सामने आने चाहिए।सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी है कि यदि बस की तेज रफ्तार दुर्घटना का कारण पाई जाती है, तो क्या कार्रवाई केवल चालक तक सीमित रहेगी या वाहन संचालन और नियमों के अनुपालन से जुड़े अन्य जिम्मेदार पक्षों की भूमिका भी जांची जाएगी?
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, अब कार्रवाई पर निगाहें
सुबह घर से शिक्षा प्राप्त करने के लिए निकलीं दो छात्राएं अब कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकेंगी। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि सड़क पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने त्वरित कार्रवाई और नियमानुसार सहायता का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि पुलिस और परिवहन विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।फिलहाल अभाना की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कितनी जिंदगियां गंवाने के बाद सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा?
