दमोह। राष्ट्रीय हिंदू वाहिनी संगठन का स्थापना दिवस बुधवार को दमोह में श्रद्धा, भक्ति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के वातावरण के बीच अत्यंत भव्यता एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठन के सदस्यों ने भाग लेकर राष्ट्र एवं धर्म की सेवा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश प्रभारी श्रीमती मीना पाठक, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीषा दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण गोस्वामी, प्रदेश मंत्री डॉ. प्रेमलता नीलम, प्रदेश महामंत्री चारुलता ठाकुर, प्रदेश मंत्री प्रभात मिश्रा तथा जिला अध्यक्ष प्रगति मिश्रा के निर्देशन में किया गया। आयोजन स्थल को भगवा ध्वज, पुष्प सज्जा एवं धार्मिक प्रतीकों से आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं सनातन संस्कृति की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा विधिवत दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीराम दरबार के पूजन-अर्चन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद संगठन का सामूहिक राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय गीत का भावपूर्ण गायन काव्या मिश्रा ने किया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। इसके उपरांत सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन द्वारा समाज की वरिष्ठ मातृशक्ति एवं विशिष्ट अतिथियों का मोतियों की माला पहनाकर, तिलक लगाकर एवं पुष्प अर्पित कर सम्मान किया गया। आयोजन में सम्मानित अतिथियों ने संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज को जोड़ने वाला एक सकारात्मक प्रयास बताया।
प्रदेश प्रभारी श्रीमती मीना पाठक एवं उनके भजन मंडल द्वारा प्रस्तुत भक्ति संगीत और सुंदर-सुंदर भजनों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी पूरे उत्साह के साथ भक्ति रस में डूबकर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी मीना पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदू वाहिनी संगठन का उद्देश्य समाज में राष्ट्रभक्ति, संस्कार, सेवा, सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि संगठन केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता, युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीषा दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसकी मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा की भावना के साथ पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना ही संगठन का मूल उद्देश्य है।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण गोस्वामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं प्रदेश मंत्री डॉ. प्रेमलता नीलम ने महिलाओं से समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। प्रदेश महामंत्री चारुलता ठाकुर ने संगठन की विभिन्न गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के विस्तार को लेकर विशेष सदस्यता अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर कई नए सदस्यों ने राष्ट्रीय हिंदू वाहिनी संगठन की सदस्यता ग्रहण कर राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं सामाजिक दायित्वों से अवगत कराया।
आयोजन में संभाग उपाध्यक्ष आरती चौबे, खुशबू तिवारी, गायत्री लोधी, कौशल्या ठाकुर, आरती रैकवार, संगीता अग्रवाल, पदमा तिवारी, वसुंधरा तिवारी, चंदा नेमा, अनीता तिवारी, डॉ. हंसा वैष्णव, आरती पाठक, रुक्मणी पटेल, कुसुम खरे, सुषमा सोनी, अनीता असाटी, कुसुम चौबे, वर्षा तिवारी, मालती मिश्रा, सरोज पाठक, सुशीला सारोठिया, ममता सोनी, उषा पांडे, संध्या उपाध्याय, अनीता पाठक, आशा गुप्ता, विद्या पटेल, लक्ष्मी रैकवार, मधु जायसवाल, सुनीता रैकवार, मीना रैकवार, प्रभा दुबे, रेखा विश्वकर्मा, पार्वती साहू, शैली यादव, अजय मिश्रा, शिवम गौतम एवं हल्ले भाई पटेल सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सामाजिक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, सामाजिक सौहार्द एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट संदेश देखने को मिला, जिसकी उपस्थित लोगों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
