दमोह, 26 मई 2026/दमोह जिले में बुजुर्ग नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित “सेवा और आशीर्वाद अभियान” लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के तहत प्रशासनिक अमला गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर ऐसे बुजुर्गों को चिन्हित कर रहा है, जो पात्र होने के बावजूद वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने “सेवा और आशीर्वाद अभियान” की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक 1664 ऐसे हितग्राहियों की पहचान की गई है, जो बुजुर्ग होने के बाद भी किसी कारणवश पेंशन प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। जिला प्रशासन ने ऐसे सभी मामलों को प्राथमिकता में लेकर प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत 10 जून तक सभी पात्र बुजुर्गों की ई-केवाईसी सहित आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत स्तर का अमला और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं, ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि अभियान के शुरुआती चरण में ही उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। अभी तक 771 बुजुर्ग हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं। शेष पात्र हितग्राहियों की प्रक्रियाओं को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में तकनीकी कारण, आधार संबंधी प्रक्रियाएं, ई-केवाईसी नहीं होने या अन्य दस्तावेजी कमियों के चलते बुजुर्ग नागरिक पेंशन योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। ऐसे हितग्राहियों तक सीधे पहुंचकर प्रशासन उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहा है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी 42 आधार केंद्रों के प्रभारियों के लिए आवश्यक शुल्क जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति या तकनीकी बाधाओं के कारण कोई भी पात्र बुजुर्ग योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के प्रत्येक पात्र वरिष्ठ नागरिक तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचे और उन्हें सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहयोग मिल सके।
जिले में चलाया जा रहा “सेवा और आशीर्वाद अभियान” बुजुर्गों के जीवन में राहत और भरोसे का माध्यम बनता दिखाई दे रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि अंतिम पंक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर शासन की मंशा को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
