इंदौर | 19 अप्रैल 2026 (रविवार)मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा और सहयोग का मजबूत माध्यम हैं।मुख्यमंत्री अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
संस्कृति और समाज की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार की पावन भूमि भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी है, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण कड़ी है, जो समाज को मजबूत आधार प्रदान करती है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार हर जरूरतमंद परिवार के साथ एक सच्चे सहयोगी के रूप में खड़ी है, ताकि बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।
अभिभावक बनकर दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और सभी 400 नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।उन्होंने कहा कि बेटियों के विवाह में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भारतीय संस्कृति में विवाह 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे पाणिग्रहण संस्कार कहा जाता है।
आर्थिक सहयोग से कम हुआ बोझ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद और निराश्रित परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 49 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, जिससे परिवारों की आर्थिक चिंता कम होती है और वे विवाह को बोझ नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में देख पाते हैं।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक कालुसिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री रंजना बघेल, प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी, एसपी मयंक अवस्थी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
