नवजागृति स्कूल के पास चला विशेष चेकिंग अभियान, अभिभावकों को बुलाकर की गई काउंसलिंग
दमोह। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए दमोह यातायात पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यातायात पुलिस ने नाबालिगों के वाहन चलाने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 छात्र-छात्राओं पर चालानी कार्रवाई की और कुल ₹30,000 का समन शुल्क वसूल किया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई। यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम ने नवजागृति स्कूल के पास विशेष चेकिंग पॉइंट लगाया और दोपहिया वाहन चलाने वाले छात्र-छात्राओं की जांच की।
30 नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई
चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को कई नाबालिग छात्र-छात्राएं दोपहिया वाहन चलाते मिले। यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई की।अभियान में कुल 30 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों से ₹30,000 समन शुल्क वसूला गया।
माता-पिता को मौके पर बुलाया
यातायात पुलिस ने केवल चालानी कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रखा। सभी नाबालिग वाहन चालकों के माता-पिता एवं अभिभावकों को मौके पर बुलाया गया।पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों की काउंसलिंग करते हुए उन्हें समझाया कि कम उम्र में बच्चों को वाहन चलाने देना उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने पर वाहन स्वामी या अभिभावक के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस की समझाइश के बाद अभिभावकों से भविष्य में नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने का आश्वासन लिया गया। इसके बाद नियमानुसार चालानी कार्रवाई पूरी कर वाहन उनके सुपुर्द किए गए।
अभिभावकों से एसपी की अपील
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने जिले के नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें।उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यातायात नियमों की अनदेखी न केवल कानूनी परेशानी का कारण बन सकती है, बल्कि किसी गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास जारी रहेगा अभियान
यातायात पुलिस के अनुसार स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास नाबालिग वाहन चालकों की जांच के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बच्चों और अभिभावकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है।
यातायात पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की जिद या सुविधा के लिए उन्हें वाहन न दें और स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करते हुए बच्चों के सामने जिम्मेदार व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत करें।
