उमरिया। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 43 पर मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। सिविल लाइन चौकी क्षेत्र के अंतर्गत गौतम ढाबा के सामने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से तेज रफ्तार ऑटो की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी घायल एक ही परिवार के सदस्य हैं, जो कटनी से पाली की ओर एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ऑटो से जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक सामने खड़े ट्रक से ऑटो टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा हरकत में आई। एंबुलेंस के ईएमटी आबिद शेख ने बताया कि सूचना मिलते ही वे अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ दो अन्य एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में पलक चौधरी (12 वर्ष), कलावती चौधरी (50 वर्ष), गोरी बाई (35 वर्ष), मोनू चौधरी (16 वर्ष), राजा चौधरी (22 वर्ष), हिमांशी चौधरी (22 वर्ष) और मासूम आकाश चौधरी (3 वर्ष) शामिल हैं। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद तीन गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए कटनी जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे खड़े ट्रक पर पर्याप्त संकेत या चेतावनी चिन्ह नहीं थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ऑटो की रफ्तार भी अधिक थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारू कराया।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर यह हादसा लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। आवश्यक है कि वाहन चालक सतर्कता बरतें और प्रशासन भी यातायात व्यवस्था को सख्ती से लागू करे, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
