ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके साथ ही उन्होंने लेखन के लिए पुलित्जर पुरस्कार पर भी अपना दावा जताया। उनका आरोप था कि रूस से जुड़े मामलों पर रिपोर्टिंग करने वाले जिन पत्रकारों को यह सम्मान दिया गया, उनकी रिपोर्टिंग गलत थी। ट्रंप के मुताबिक, ऐसे पत्रकारों को पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए था।
रूस से संबंधित जांच और उसकी मीडिया रिपोर्टिंग पहले भी अमेरिकी राजनीति में विवाद का विषय रही है। इस बार ट्रंप ने पुरस्कार विजेता पत्रकारों की रिपोर्टिंग पर सवाल उठाते हुए सम्मान के फैसले की आलोचना की। हालांकि, उनके बयान में रिपोर्टिंग की किन विशिष्ट खबरों या तथ्यों को गलत बताया गया, इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।
ट्रंप अब तक 19 किताबें लिख चुके हैं। उनकी चर्चित पुस्तकों में ‘द आर्ट ऑफ द डील’ शामिल है। इस पुस्तक के जरिए वह कारोबारी दुनिया में अपनी पहचान और व्यावसायिक अनुभवों को सामने रख चुके हैं। पुलित्जर पुरस्कार के लिए अपना दावा पेश करते समय उन्होंने अपने लेखन का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस पुस्तक या रचना के आधार पर इस सम्मान के हकदार होने की बात कर रहे थे।
उनके बयान पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने ट्रंप की लेखन क्षमता को लेकर व्यंग्य किया। एक यूजर ने टिप्पणी की कि जो व्यक्ति बच्चों की किताब तक नहीं लिख सकता, वह पुलित्जर पुरस्कार पाने की उम्मीद कैसे कर सकता है। एक अन्य यूजर ने उनके अंग्रेजी लिखने और बोलने के तरीके पर तंज कसते हुए कहा कि उनके वाक्यों को समझने के लिए खोजी दल की जरूरत पड़ सकती है। ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर उनके दावे को लेकर होने वाली आलोचना का हिस्सा रहीं।
पुलित्जर पुरस्कार को दुनिया के प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। यह मुख्य रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए दिया जाता है, लेकिन इसका दायरा केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है। साहित्य, नाटक और संगीत के क्षेत्र में भी इस पुरस्कार के तहत सम्मान प्रदान किए जाते हैं। इसकी प्रतिष्ठा के कारण इसे कई बार पत्रकारिता के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जैसी अहमियत वाला सम्मान भी कहा जाता है।
ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब वह पहले भी नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध रुकवाने का श्रेय लेते हुए नोबेल पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी का उल्लेख किया है। अब पुलित्जर पुरस्कार को लेकर दिए गए बयान में भी उन्होंने अपने काम को सम्मान के योग्य बताया और पूर्व में सम्मानित पत्रकारों की आलोचना की।
हालांकि, किसी पुरस्कार के लिए पात्रता और चयन का फैसला संबंधित पुरस्कार संस्था के नियमों तथा निर्णायक प्रक्रिया के आधार पर होता है। ट्रंप के बयान से उनकी व्यक्तिगत अपेक्षा सामने आती है, जबकि रूस से जुड़ी रिपोर्टिंग और पुरस्कार विजेताओं के काम को लेकर उठाए गए उनके सवालों का आकलन संबंधित खबरों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
