इंदौर न्यायालय का फैसला, चोरी की बोलेरो बरामद; दोनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया
इंदौर। घर के सामने खड़ी बोलेरो वाहन चोरी करने के मामले में इंदौर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए यह फैसला सुनाया।
प्रभारी उपसंचालक (अभियोजन) राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 19 जून 2026 को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मिताली वाणी वर्मा ने थाना कनाड़िया के अपराध क्रमांक 279/2024 में निर्णय सुनाते हुए आरोपी जितेंद्र कीर (32 वर्ष) एवं अशोक कीर (36 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम जलेरिया, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास को भारतीय दंड संहिता की धारा 379 (चोरी) के तहत दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एक वर्ष छह माह के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रवि मोगा ने प्रभावी पैरवी की।
घर के सामने से रात में चोरी हुई थी बोलेरो
अभियोजन के अनुसार फरियादी हेमसिंह यादव ने थाना कनाड़िया में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 जून 2024 की रात उन्होंने अपनी महिंद्रा बोलेरो (क्रमांक MP-09 CJ-0416) को रोज की तरह घर के सामने लॉक लगाकर खड़ा किया था।
अगली सुबह लगभग 5 बजे जब वह उठे तो वाहन वहां नहीं मिला। परिजनों के साथ गांव और आसपास के क्षेत्रों सहित बायपास तक काफी तलाश की गई, लेकिन बोलेरो का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अज्ञात चोरों के विरुद्ध थाना कनाड़िया में वाहन चोरी का मामला दर्ज कराया गया।
जांच के दौरान आरोपियों से बरामद हुई चोरी की बोलेरो
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया, नक्शा तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से चोरी की गई बोलेरो भी बरामद कर ली।
सभी साक्ष्य एवं जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए, जिसके बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
वाहन चोरी के मामलों में सख्त संदेश
इस फैसले को वाहन चोरी के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संपत्ति संबंधी अपराधों में दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस और अभियोजन की प्रभावी विवेचना एवं पैरवी के चलते चोरी की गई बोलेरो बरामद होने के साथ आरोपियों को सजा भी सुनिश्चित हुई।
