ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ मुख्य मार्गों से गुजरा जुलूस, आस्ताना-ए-आलिया पर पेश की गई संदली चादर
दमोह। हजरत ख्वाजा अब्दुल सलाम चिश्ती रह. के सालाना उर्स के तीसरे दिन चिश्ती नगर से संदली चादर का जुलूस पूरे एहतेराम और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जैसे-जैसे जुलूस शहर की गलियों और प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, जगह-जगह लोगों ने उसका इस्तकबाल किया।संदली चादर जुलूस की शुरुआत चिश्ती नगर से हुई। जुलूस में अकीदतमंदों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। ढोल-नगाड़ों की धुन और फूलों से सजे जुलूस का माहौल पूरी तरह रूहानी नजर आया। जुलूस शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों एवं मुख्य मार्गों से होता हुआ दरगाह पुराना बाजार नंबर-2 चिश्ती नगर पहुंचा।शाम करीब 7 बजे आस्ताना-ए-आलिया पर अकीदत और एहतेराम के साथ संदली चादर पेश की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद जायरीनों और अकीदतमंदों ने दुआएं मांगीं। उर्स के मौके पर दरगाह परिसर में विशेष धार्मिक माहौल बना रहा और दूर-दराज से आए जायरीन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कई शहरों से पहुंचे जायरीन
सालाना उर्स में दमोह के अलावा भोपाल, सागर, जबलपुर सहित अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे हैं। उर्स के दौरान दरगाह पर आने वाले अकीदतमंदों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु दरगाह पर पहुंचकर अपनी अकीदत पेश कर रहे हैं और देश एवं समाज की खुशहाली की दुआ कर रहे हैं।रात के समय तकरीर और महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन हुआ। कव्वालों ने सूफियाना कलाम और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को रूहानी बना दिया। देर रात तक अकीदतमंद महफिल में मौजूद रहे और कव्वाली का आनंद लिया।
उर्स के दौरान अकीदतमंदों ने मुल्क में अमनो-अमान, भाईचारे, खुशहाली और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। आयोजन को लेकर चिश्ती नगर और दरगाह क्षेत्र में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और आपसी भाईचारे का नजारा दिखाई दिया।सालाना उर्स के चलते दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। उर्स के विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए जायरीन भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
