इंदौर/ इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। राष्ट्र भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप में परिवादी विकास अवस्थी द्वारा जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है, जिसमें कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना खान को आरोपी बनाया गया है।परिवाद में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत का अपमान किया गया, जिससे न केवल परिवादी की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि यह कृत्य राष्ट्र के सम्मान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ भी है। परिवादी ने इसे केवल विरोध का मामला न बताते हुए एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताया है, जो समाज में गलत संदेश दे सकता है।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद, तनाव की आशंका
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद मामला यहीं शांत नहीं हुआ, बल्कि सोशल मीडिया और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर इस विषय को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही। इससे समाज में तनाव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। परिवादी ने कोर्ट से आग्रह किया है कि इस मामले में सख्त संज्ञान लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सदन की गरिमा और राष्ट्र प्रतीकों के अपमान का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि नगर निगम जैसे संवैधानिक संस्थान के भीतर इस तरह की घटना न केवल सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति असम्मान को भी दर्शाती है। परिवादी ने इसे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कृत्य बताते हुए न्यायालय से दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक हलकों में पहले से गरमाया है मामला
यह मामला पहले ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है, और अब इसके कोर्ट पहुंचने के बाद विवाद और गहरा गया है। जहां एक ओर भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्र सम्मान से जोड़कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस नेतृत्व अब तक सतर्क रुख अपनाए हुए है।
अब कोर्ट के रुख पर टिकी नजरें
मामले के न्यायालय में पहुंचने के बाद अब सभी की नजरें कोर्ट की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि न्यायालय इस परिवाद पर संज्ञान लेता है, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है, जिसका प्रभाव प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
