इंदौर | 03 जुलाई 2026
इंदौर की विशेष पॉक्सो अदालत ने सात वर्षीय बालिका के साथ अशोभनीय हरकत करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया है। यह निर्णय इक्कीसवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) द्वारा पारित किया गया।
प्रभारी उप संचालक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष प्रकरण क्रमांक 210/2024 में न्यायालय ने थाना एरोड्रम क्षेत्र निवासी सुमित पिता विजेंद्र जैन (28 वर्ष) को पॉक्सो अधिनियम की धारा 9(एम)/10 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा भारतीय न्याय संहिता/तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। साथ ही कुल 15,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। शासन की ओर से प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सतीश वर्मा ने किया।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की मां ने थाना एरोड्रम में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी कि उसकी सात वर्षीय पुत्री ने बताया था कि घर के समीप स्थित एक दुकान पर सामान लेने जाने के दौरान दुकानदार उसके साथ अशोभनीय हरकत करता था। बच्ची ने यह भी बताया कि आरोपी उसे इस संबंध में किसी को जानकारी नहीं देने के लिए डराता-धमकाता था।
बच्ची द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के बाद उसकी मां ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर थाना एरोड्रम में संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
साक्ष्यों के आधार पर हुई दोषसिद्धि
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया, गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। जांच पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं गवाहों के परीक्षण के उपरांत आरोपी को दोषी पाया गया। इसके आधार पर विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को उपरोक्त सजा एवं अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सतीश वर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
