मुख्यमंत्री से मिलकर मौखिक और लिखित आपत्ति दर्ज कराई, बोले—दमोह की जनता के हित में PPP मॉडल पर पुनर्विचार जरूरी; सड़क, गीता भवन, बस टर्मिनल और नगर पालिका जांच पर भी खुलकर बोले विधायक
(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह। निर्माणाधीन नवीन मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर दमोह की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। दमोह विधायक जयंत मलैया ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेडिकल कॉलेज को PPP मॉडल पर संचालित किए जाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग करते हुए इसे शासकीय स्तर पर संचालित किए जाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मौखिक चर्चा के साथ लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई है।जयंत मलैया ने कहा कि दमोह मेडिकल कॉलेज केवल एक निर्माणाधीन भवन नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान बनने वाला है। ऐसे में इसके संचालन का स्वरूप तय करते समय दमोह और आसपास के लोगों के हितों को प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए।
355 करोड़ की स्वीकृति, उपकरणों के लिए भी करोड़ों की राशि
विधायक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए लगभग 355 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। भवन निर्माण सहित विभिन्न कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज के फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए लगभग 25.93 करोड़ रुपये तथा अस्पताल भवन में बायोमेडिकल उपकरणों की स्थापना के लिए लगभग 20.15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 12.14 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की जा चुकी है।जयंत मलैया ने कहा कि इतनी बड़ी सार्वजनिक राशि से तैयार हो रहा संस्थान भविष्य में दमोह की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। उनका कहना था कि शासकीय संचालन से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
“दमोह की जनता के हित में लिया जाए फैसला”
मलैया ने कहा कि दमोह की बड़ी आबादी कृषि और सीमित आय पर निर्भर है। ऐसे में महंगी चिकित्सा व्यवस्था का बोझ आम परिवारों पर नहीं पड़ना चाहिए। मेडिकल कॉलेज के संचालन से जुड़ा निर्णय केवल प्रशासनिक या वित्तीय विषय न होकर आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधा से भी जुड़ा है।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेज के संचालन के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर इसे शासकीय स्तर पर संचालित करने की दिशा में निर्णय लिया जाए।
शहर की दो प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण की मांग
मेडिकल कॉलेज के अलावा विधायक ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में दमोह शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े दो प्रमुख मार्गों का मुद्दा भी उठाया।उन्होंने सुभाष कॉलोनी से जबलपुर नाका चौकी तक तथा सीताबावड़ी से हटा नाका तक सड़क चौड़ीकरण की मांग की है। विधायक के अनुसार इन मार्गों पर लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को देखते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता है।
दमोह में नवीन गीता भवन की भी मांग
विधायक ने दमोह में नवीन गीता भवन यानी आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया।उनका कहना है कि शहर में आधुनिक सभागार बनने से सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
नगर पालिका जांच पर बोले—एक सप्ताह में आ सकती है रिपोर्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर पालिका परिषद से संबंधित जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर जयंत मलैया ने कहा कि जांच अंतिम चरण में है। उनके अनुसार लगभग एक सप्ताह में कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट सामने आ सकती है।जब उनसे पूर्व में सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामलों और एफआईआर की स्थिति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में भी कार्रवाई अवश्य होगी।
बस टर्मिनल पर बोले—काम धीमा है, लेकिन चल रहा है
दमोह के निर्माणाधीन बस टर्मिनल को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक ने माना कि निर्माण कार्य की गति धीमी है और इसमें व्यवधान भी आया है। हालांकि उन्होंने कहा कि काम जारी है।
उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद यह प्रदेश के बेहतर बस टर्मिनलों में शामिल हो सकता है।
बेलाताल पार्क के संचालन पर स्थानीय व्यवस्था की जरूरत
बेलाताल पार्क को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक कुछ देर रुके और फिर कहा कि पार्क के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इसे चलाने के लिए यहां नहीं आएगी, इसलिए स्थानीय स्तर पर इसके संचालन की जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।
वित्तीय संकट पर बोले—समस्या केवल मध्यप्रदेश में नहीं
वित्तीय संसाधनों की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर मलैया ने कहा कि वित्तीय संकट केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है। देश के अनेक राज्यों में भी वित्तीय सीमाएं हैं।उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के बीच विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना होगा।
सिंचाई परियोजनाओं का भी किया उल्लेख
विधायक ने किसानों से जुड़े सतधरू, सीतानगर, पंचमनगर, साझली, जुड़ी सहित विभिन्न सिंचाई और स्टॉपडैम परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।उन्होंने कहा कि किसान की आय बढ़ने का सीधा प्रभाव स्थानीय बाजार और जिले की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
दमोह के विकास का रोडमैप भी बताया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयंत मलैया ने दमोह में पूर्व में किए गए विकास कार्यों की जानकारी देने के साथ भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं पर भी अपनी बात रखी।मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने उनकी ओर से मौखिक और लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। अब इस विषय पर सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।कुल मिलाकर विधायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेडिकल कॉलेज के संचालन से लेकर शहर की सड़कें, गीता भवन, बस टर्मिनल, बेलाताल पार्क, नगर पालिका जांच और सिंचाई परियोजनाओं तक दमोह के विकास से जुड़े कई प्रमुख मुद्दे सामने आए।
