ड्रिंक एंड ड्राइव में 4 बस चालक पकड़े गए, 6 बसें जब्त; परिवहन व्यवस्था, विभागीय निगरानी और कार्रवाई के समय को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर

दमोह, 10 मई 2026/जिले में यातायात पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष वाहन जांच अभियान रविवार को पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर की गई अचानक कार्रवाई ने एक ओर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उजागर कीं, वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई के समय को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए। जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया के बीच यातायात पुलिस की इस सघन कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर यात्री बसों की जांच शुरू की। थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम ने किल्लाई नाका चौराहे सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर बसों को रोककर दस्तावेजों और चालकों की जांच की।
ब्रेथ एनालाइजर जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
चेकिंग अभियान के दौरान बस चालकों की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई। पुलिस जांच में चार बस चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। यह खुलासा सामने आने के बाद मौके पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल देखने को मिला। सार्वजनिक परिवहन वाहनों के चालकों का शराब के प्रभाव में वाहन चलाना यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
यातायात पुलिस ने शराब पीकर बस चलाने वाले चालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए संबंधित बसों को जब्त कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा तथा संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
6 बसें जब्त, दस्तावेजों में भी मिली अनियमितताएं
कार्रवाई के दौरान कुल छह बसों को जब्त किया गया। इनमें चार बसें ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में तथा दो बसें आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण जब्त की गईं। जांच के दौरान कई बसों में फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा और प्रदूषण संबंधी दस्तावेज अधूरे पाए गए।इसके अलावा मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले सात बस चालकों से कुल 34 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क भी वसूला गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्रवाई के समय को लेकर शहर में चर्चाएं
यातायात पुलिस की इस अचानक कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा भी तेज हो गई कि आखिर इतने लंबे समय से चल रही अनियमितताओं पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जाते, तो शराब पीकर वाहन चलाने जैसी घटनाएं पहले ही सामने आ सकती थीं।
वहीं कई लोगों ने इस कार्रवाई को नवागत एसपी के पदभार ग्रहण से जोड़कर भी देखा। प्रशासनिक हलकों में चर्चा रही कि नए पुलिस अधीक्षक के आगमन के दौरान पुलिस विभाग अपनी सक्रियता और सख्ती दिखाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसे नियमित अभियान बताते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों में ड्रिंक एंड ड्राइव की घटनाएं बेहद गंभीर हैं, क्योंकि इनमें एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है। सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि बस चालकों की नियमित मेडिकल जांच, दस्तावेजों की निगरानी और समय-समय पर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य किए जाने चाहिए।स्थानीय नागरिकों ने भी यातायात पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए मांग की है कि यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि नियमित रूप से जारी रहे ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
परिवहन विभाग की भूमिका पर भी उठे प्रश्न
कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के बसों का संचालन आखिर किस निगरानी में हो रहा था। यदि समय रहते जांच होती, तो यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इतने गंभीर मामले सामने आने से पहले ही नियंत्रित किए जा सकते थे।फिलहाल यातायात पुलिस की इस कार्रवाई ने दमोह में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह अभियान नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनता है या फिर केवल एक औचक कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।
