करीब 40 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण, विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी और न्यायालयीन प्रक्रियाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
दमोह। पुलिस विभाग द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम दमोह में आयोजित दो दिवसीय विशेष रिफ्रेशर कोर्स का विधिवत समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना तथा कानूनों के अनुरूप विवेचना एवं पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना रहा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों एवं पुलिस चौकियों से करीब 40 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान नए आपराधिक कानूनों में किए गए महत्वपूर्ण प्रावधानों, पुलिस की भूमिका तथा विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को वास्तविक मामलों में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
विवेचना और डिजिटल साक्ष्य पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान आपराधिक प्रकरणों की विवेचना को नए कानूनों के अनुरूप संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से साक्ष्य संकलन, साक्ष्यों की सुरक्षित अभिरक्षा, जब्ती की प्रक्रिया तथा विवेचना के दौरान आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।वर्तमान समय में अपराधों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए डिजिटल साक्ष्य एवं ई-साक्ष्य से संबंधित प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। पुलिसकर्मियों को डिजिटल साक्ष्य के संकलन, उसके संरक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया में उसके उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई, ताकि इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्राप्त साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
गिरफ्तारी और न्यायालयीन प्रक्रिया की समझ
प्रशिक्षण में गिरफ्तारी से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं पुलिस द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह समझाया गया कि किसी भी कार्रवाई के दौरान कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए नागरिकों के अधिकारों और पुलिस के दायित्वों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।इसके साथ ही प्रकरणों को न्यायालय में प्रस्तुत करने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, साक्ष्यों को विधिवत सुरक्षित रखने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान पुलिस की जिम्मेदारियों से संबंधित बिंदुओं को भी विस्तार से समझाया गया।
पारदर्शिता और समयबद्ध विवेचना पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश
समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक दमोह ने प्रशिक्षण में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन आपराधिक कानूनों की मूल भावना के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानूनों में हुए बदलावों को केवल सैद्धांतिक रूप से जानना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस कार्यवाही और विवेचना में उनका सही एवं प्रभावी क्रियान्वयन भी आवश्यक है।पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को विवेचना में पारदर्शिता बनाए रखने, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से संकलन करने तथा प्रकरणों की जांच को अनावश्यक रूप से लंबित न रखते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर पुलिसिंग के लिए कानून की जानकारी के साथ-साथ उसकी व्यावहारिक समझ भी जरूरी है।
प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र देकर किया प्रोत्साहित
दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स के सफल समापन पर प्रशिक्षण में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को सहभागिता के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिसकर्मियों को नवीन कानूनों के प्रावधानों का निरंतर अध्ययन करने तथा अपने दैनिक कार्य में उनका प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।प्रशिक्षण में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए यह रिफ्रेशर कोर्स नवीन आपराधिक कानूनों की प्रक्रियाओं को समझने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग जिले में अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, गिरफ्तारी एवं अन्य पुलिस प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और कानूनसम्मत बनाने में किया जाएगा।
