गोल्ड लोन की 2.39 लाख रुपये की रकम हुई ट्रांसफर, जिला न्यायालय के रीडर के खाते से भी 85 हजार रुपये निकले; कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच
दमोह। शहर में साइबर ठगी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने बैंक खातों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र में दो खाताधारकों के बैंक खातों से उनकी अनुमति के बिना कुल 3 लाख 24 हजार 400 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों मामलों में ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोल्ड लोन की पूरी रकम खाते से हुई गायब
पहला मामला विलवारी मोहल्ला, बजरिया वार्ड क्रमांक-3 निवासी 29 वर्षीय परवेज मंसूरी से संबंधित है। पुलिस को दी शिकायत में परवेज ने बताया कि उसने 23 जुलाई को म्यूचुअल गोल्ड लोन, दमोह ब्रांच से 2 लाख 39 हजार 400 रुपये का गोल्ड लोन लिया था। गोल्ड लोन की राशि उसके बंधन बैंक खाते में जमा हुई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, राशि खाते में जमा होने के बाद उसकी अनुमति के बिना अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होने लगी। बंधन बैंक खाते से 75 हजार रुपये, डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर के खाते से 1 लाख रुपये और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 63 हजार 700 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से ट्रांसफर किए गए।इस तरह उसके खातों से कुल 2 लाख 39 हजार 400 रुपये की पूरी राशि निकल गई।
साइबर सेल की शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद परवेज मंसूरी ने साइबर सेल में शिकायत की। साइबर सेल से प्राप्त बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन संबंधी जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि रकम Arabesque Technologies Private Limited के माध्यम से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई है।साइबर सेल की शिकायत क्रमांक 32107260035381 के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रकम जिन खातों में पहुंची, उनके साथ संबंधित ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच कर रही है।
मोबाइल हैक होने के बाद न्यायालय के रीडर के खाते से निकले 85 हजार
दूसरा मामला सिविल वार्ड-4 निवासी 55 वर्षीय मनोज कुमार कटारिया का है। मनोज कुमार जिला न्यायालय दमोह में रीडर के पद पर पदस्थ हैं। उनका एसबीआई टंडन बगीचा शाखा में बैंक खाता है, जो मोबाइल नंबर से लिंक है। वे फोन-पे के माध्यम से यूपीआई ट्रांजेक्शन भी करते हैं।
शिकायत के मुताबिक, 17 जुलाई को उनका मोबाइल किसी कारण से हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से बिना अनुमति अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई।
बताया गया कि खाते से पहले 45 हजार रुपये, इसके बाद 20-20 हजार रुपये के दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इस तरह कुल 85 हजार रुपये खाते से दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए। मनोज कुमार ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी कर रकम निकालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में भी ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बैंकिंग और यूपीआई लेनदेन की जांच में जुटी पुलिस
दोनों मामलों में पुलिस द्वारा संबंधित बैंक खातों, ट्रांजेक्शन विवरण, मोबाइल नंबर, यूपीआई लेनदेन और रकम प्राप्त करने वाले खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खातों से रकम किस तकनीकी माध्यम से निकाली गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।एक ही थाना क्षेत्र में बैंक खातों से लाखों रुपये बिना अनुमति ट्रांसफर होने के दो मामलों के सामने आने के बाद ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल और यूपीआई की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
