फैजल मलिक ने वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत में बताया कि जब वह कुंभकर्ण के लुक और उसके व्यक्तित्व की कल्पना कर रहे थे तो उनके सामने हल्क का उदाहरण था। अभिनेता मार्क रफालो ने जिस तरह हल्क जैसे विशाल हरे किरदार को पर्दे पर प्रस्तुत किया है उससे उन्हें अपने किरदार की शारीरिक बनावट और रूप को समझने में मदद मिली। फैजल के मुताबिक हल्क उनके लिए एक अहम रेफरेंस था। हालांकि कुंभकर्ण का किरदार केवल विशाल शरीर तक सीमित नहीं है बल्कि उसका अपना पौराणिक महत्व और अलग व्यक्तित्व भी है। ऐसे में इस भूमिका को प्रभावशाली ढंग से निभाना उनके लिए बड़ी चुनौती है।
अभिनेता ने बताया कि रामायण का हिस्सा बनना उनके लिए बचपन के सपने के सच होने जैसा है। वह भी रामायण देखते हुए बड़े हुए हैं और इस महाकाव्य से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ऐसे में इसकी कहानी के किसी महत्वपूर्ण पात्र को निभाने का मौका मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। फैजल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कुंभकर्ण को आम इंसान से अलग और असाधारण रूप में कैसे प्रस्तुत किया जाए। पौराणिक कथाओं में कुंभकर्ण को विशाल शरीर वाले शक्तिशाली योद्धा के रूप में जाना जाता है। उसकी लंबी नींद भी उसके चरित्र की एक प्रमुख विशेषता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए किरदार के लिए खास तैयारी करनी पड़ी।
फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी टीम ने भी कुंभकर्ण के लुक को तैयार करने में काफी मेहनत की है। फैजल मलिक के अनुसार यह किरदार फिल्म के दूसरे पात्रों से अलग है और इसकी विशालता को पर्दे पर उतारने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म में कुंभकर्ण का रूप कैसा दिखाई देता है और फैजल अपने अभिनय से इस पौराणिक पात्र को किस तरह जीवंत बनाते हैं।
फैजल ने यह भी कहा कि उनके लिए एक बड़ी चुनौती दर्शकों के दिलों में वही जगह बनाना है जो उन्हें पंचायत में प्रह्लाद चाचा के किरदार से मिली थी। इस भूमिका ने उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई और अब वह चाहते हैं कि दर्शक कुंभकर्ण के रूप में भी उन्हें उतना ही प्यार दें। उनके लिए यह किरदार एक नई शुरुआत और अभिनय की अलग दुनिया में कदम रखने जैसा है।
बातचीत के दौरान फैजल मलिक ने रामानंद सागर की टीवी रामायण की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उस धारावाहिक के किरदार और उन्हें निभाने वाले कलाकार आज भी लोगों की यादों में अमर हैं। अरुण गोविल को दशकों बाद भी दर्शक भगवान राम के रूप में देखते हैं और उनके प्रति सम्मान जताते हैं। यह रामायण के सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है। अब नई फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं और फैजल मलिक का कुंभकर्ण वाला किरदार फिल्म के चर्चित आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
