सरकार के अनुसार नया मॉड्यूल मंगलवार से कार्य करना शुरू कर चुका है और यह सभी मंत्रालयों एवं विभागों के लिए एक केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। इस पोर्टल पर विभिन्न मंत्रालय अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक उपायों और सुशासन से जुड़ी पहलों का विस्तृत विवरण अपलोड करेंगे। इससे सभी सुधारात्मक प्रयासों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार होगा और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करना आसान होगा।
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक मंत्रालय ऐसे सुधारों की पहचान करे जो आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाएं, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाएं तथा उद्योगों के लिए कारोबार करना अधिक सुगम बनाएं। ये सुधार उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की सिफारिशों, अनौपचारिक मंत्रिसमूह (आईजीओएम) के सुझावों अथवा संबंधित मंत्रालयों द्वारा स्वयं तैयार किए गए प्रस्तावों पर आधारित हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि विभागीय स्तर पर नवाचार और सुधारों को बढ़ावा देने से प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नई व्यवस्था के तहत सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपनी सभी सुधार संबंधी पहलों का विवरण पीएमरेफ पोर्टल पर अपलोड करें और समय-समय पर उनकी प्रगति को अपडेट करते रहें। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मंत्रालय को हर सप्ताह शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक अपनी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इससे विभिन्न योजनाओं और सुधारों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी तथा आवश्यक होने पर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सुधार प्रक्रिया को एक व्यवस्थित और संस्थागत ढांचे के तहत संचालित करना है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों में लागू किए जा रहे नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन किया जा सके। इससे मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और सुधार संबंधी पहलों के क्रियान्वयन में भी गति आएगी। साथ ही विभिन्न विभागों के सफल अनुभवों को साझा कर अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने का अवसर मिलेगा।
पीएमरेफ (प्रधानमंत्री रिफरेंस/रिफॉर्म्स) पोर्टल प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी विभागों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है। यह नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक पहलों और प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं की निगरानी के साथ-साथ अन्य सरकारी निगरानी प्रणालियों से भी जुड़ा हुआ है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों, निर्णयों और विभिन्न संदर्भों की प्रगति पर भी नजर रखी जाती है। सरकार को उम्मीद है कि नया ‘रिफॉर्म’ मॉड्यूल प्रशासनिक सुधारों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
