नई दिल्ली। ट्रेनों (Trains) और स्टेशन परिसरों (Station premises) में मोबाइल फोन (Mobile Phone) को स्पीकर मोड पर इस्तेमाल करने, तेज आवाज में गाने और रील देखने और देर रात तक ऊंची आवाज में फोन पर बात करने वाले यात्रियों के खिलाफ भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने सख्त कदम उठाया है। द जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2024/2026 के तहत किए गए नए संशोधनों के लागू होने के बाद अब इसे एक दंडनीय अपराध बना दिया गया है।
दक्षिण रेलवे सहित सभी रेलवे जोनों को सार्वजनिक उद्घोषणाओं और स्टेशनों पर नोटिस बोर्ड लगाकर यात्रियों को जागरूक करने और टिकट जांचकर्ताओं को ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करने का अधिकार देने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे का नया नियम और दंडात्मक प्रावधान
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, साथी यात्रियों की शांति भंग करने पर कई कड़े जुर्माने और कानूनी सजा का प्रावधान किया गया है। पहली बार इस नियम का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपए का जुर्माना और ट्रेन से उतारा जा सकता है। दूसरी बार या लगातार ऐसा करने पर 5,000 रुपए तक का जुर्माना और 6 महीने की जेल (या दोनों) हो सकती है।
यात्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संगीत सुनने, रील्स या सीरियल देखने के लिए ईयरफोन का ही इस्तेमाल करें। फोन पर बातचीत धीमी आवाज में करें और मोबाइल की रिंगटोन को भी धीमी वॉल्यूम या वाइब्रेशन मोड पर रखें, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के दौरान।
AC और वंदे भारत कोचों में सबसे ज्यादा परेशानी
रेलवे की एडवाइजरी में कहा गया है कि बंद AC डिब्बों और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी शांत ट्रेनों में लाउड फोन कॉल, सोशल मीडिया रील्स और बच्चों के कार्टून की तेज आवाज से सह-यात्रियों को मानसिक परेशानी होती है। नियमित यात्रियों का कहना है कि स्लीपर क्लास की तुलना में एसी कोचों में बाहरी शोर कम होने के कारण मोबाइल का शोर ज्यादा परेशान करता है।
रेल यात्रियों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठाई है कि TTE और RPF के जरिए इसका कड़ाई से पालन कराया जाए, क्योंकि रात के समय बार-बार शिकायत दर्ज कराना मुश्किल होता है।
परेशानी होने पर कैसे करें शिकायत?
अगर आपकी बोगी में कोई यात्री लगातार मना करने के बावजूद तेज आवाज में स्पीकर चला रहा है या उपद्रव कर रहा है, तो आप इन तरीकों से तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
– रेल मदद ऐप के जरिए तुरंत अपनी पीएनआर (PNR) और कोच संख्या डालकर शिकायत दर्ज करें।
– रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके चलती ट्रेन में शिकायत दर्ज कराएं।
– ऑन-बोर्ड TTE, RPF जवानों या कोच अटेंडेंट को तुरंत सूचित करें।
