मोनू राज के इस कठिन संकल्प के पीछे उनकी मां के प्रति गहरा लगाव है। कुछ वर्ष पहले उनकी मां के गले में मछली का कांटा फंस गया था जिसके बाद उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। परिवार ने मां के इलाज के लिए करीब छह वर्षों तक काफी प्रयास किए और इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों और कर्ज का भी सामना करना पड़ा। इसी मुश्किल समय में मोनू राज ने अपने घर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित एक शिव मंदिर में जाकर मन्नत मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हो जाती हैं तो वह देश के 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों की यात्रा दौड़ते हुए और पैदल पूरी करेंगे।
मां की सेहत में सुधार होने के बाद मोनू राज ने अपनी मन्नत पूरी करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने 15 मार्च 2026 से अपनी धार्मिक यात्रा शुरू की और लगातार सफर करते हुए अलग अलग राज्यों के धार्मिक स्थलों तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई कठिन रास्तों को पैदल और दौड़ते हुए पार किया। 236 दिनों की इस यात्रा में वह अब तक 10 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। उनकी यात्रा में बाबा बैद्यनाथ धाम से लेकर मल्लिकार्जुन और रामेश्वरम तक कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल रहे।
मोनू राज ने भीमाशंकर त्र्यंबकेश्वर घृष्णेश्वर परली वैजनाथ औंढा नागनाथ और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन किए। इसके अलावा उन्होंने जगन्नाथ पुरी में भी भगवान के दर्शन किए। अपनी इसी यात्रा के क्रम में जब वह उज्जैन पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने प्राचीन शनि मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। उज्जैन पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत भी किया।
मोनू राज का कहना है कि वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन माता पिता और धर्म की सेवा करना जानते हैं। उनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि अपनी मां के प्रति प्रेम और कृतज्ञता जताने का माध्यम भी है। इतनी कम उम्र में इतने लंबे सफर का संकल्प लेकर उसे लगातार पूरा करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाता है।
उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद मोनू राज अब अपनी यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होंगे। उनका लक्ष्य देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के साथ चार धाम की यात्रा पूरी करना है। मां की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से शुरू हुई उनकी यह यात्रा अब हजारों किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है और मंजिल तक पहुंचने के लिए मोनू राज का संकल्प लगातार जारी है।
