उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि जोशीमठ के निकट चाई गांव के पास दुर्घटना की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट करके बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की कामना भी की।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ से देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर जोशीमठ घाटी के नजदीक पहुंचा, जिसके बाद उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और संभावित दुर्घटनास्थल की तलाश शुरू की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु पायलट के रूप में मौजूद थे। उनके अलावा पांच यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज के रूप में बताई गई है। हालांकि, इन सभी की वर्तमान स्थिति को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रशासन की ओर से घटनास्थल तक पहुंचने और यात्रियों के बारे में पुष्टि करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की एक टुकड़ी को संभावित घटनास्थल के आसपास रवाना किया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। हेलिकॉप्टर की आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश की जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता विमान का सटीक स्थान पता लगाना और उसमें सवार लोगों तक पहुंचना है।
हादसे के बाद ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी हैं। कंपनी के पूरे बेड़े का संचालन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों की जानकारी मिलने तक आगे की उड़ानों को रोकना है।
उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं का पिछला रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाने वाला रहा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 से जुलाई 2025 के बीच राज्य में सात हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में कुल 21 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2023 से 2025 के बीच छह हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, राज्य में अब तक कितने हेलिकॉप्टर लापता हुए हैं, इसका अलग से कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
जोशीमठ-बद्रीनाथ मार्ग पर हुई इस घटना के बाद अब सबकी नजरें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। हेलिकॉप्टर में सवार छह लोगों की वास्तविक स्थिति, दुर्घटना के कारण और घटनास्थल से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
