30 से ज्यादा बैठकों का उल्लेख
लॉ फर्म विल्मरहेल (WilmerHale) द्वारा तैयार समीक्षा रिपोर्ट के तीन पन्नों का सारांश मंगलवार को जारी किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2014 के बीच हुई करीब 30 बैठकों में से कई एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित टाउनहाउस में आयोजित हुईं, जबकि एक बैठक गेट्स फाउंडेशन के कैंपस में भी हुई थी।
अवैध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि गेट्स फाउंडेशन ने एपस्टीन को कोई भुगतान किया था या किसी अवैध गतिविधि में शामिल था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मुख्य रूप से एक संभावित ग्लोबल हेल्थ फंड बनाने पर चर्चा हुई थी, जो बाद में कभी अस्तित्व में नहीं आ सका। इसके अलावा, एपस्टीन के एक सहयोगी द्वारा संचालित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को दिए गए वित्तीय सहयोग पर भी बातचीत होने का उल्लेख किया गया है।
बिल गेट्स ने माना था फैसला गलत था
रिपोर्ट में बिल गेट्स पर एपस्टीन के यौन अपराधों में किसी तरह की संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया गया है। गेट्स पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्हें नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण की जानकारी नहीं थी। हाल ही में एक संसदीय समिति के समक्ष गेट्स ने स्वीकार किया था कि एपस्टीन से मुलाकात करना उनके जीवन के फैसलों में “एक बड़ी गलती” थी।
स्टाफ की आपत्तियों के बावजूद जारी रहा संपर्क
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों ने कानूनी जोखिम और संस्था की साख पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई थी। इसके बावजूद 2012 में एपस्टीन ने बिल गेट्स की मुलाकात इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रमुख तेर्जे रोड-लार्सन से कराई। इसके बाद फाउंडेशन ने पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए इस संस्था को वित्तीय सहायता दी। बाद में विवाद बढ़ने पर 2020 में तेर्जे रोड-लार्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
फाउंडेशन ने मजबूत किए निगरानी तंत्र
यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में वॉरेन बफेट ने अपने वार्षिक दान में गेट्स फाउंडेशन को शामिल नहीं किया। इस बीच फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क सुजमैन ने कहा कि बोर्ड ने जोखिम प्रबंधन और जांच प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए नए कदमों को मंजूरी दी है। उनके अनुसार संस्था का कार्य सहयोगियों के भरोसे और पारदर्शिता पर आधारित है।
एपस्टीन फाइल्स में भी आया था नाम
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए एपस्टीन फाइल्स में टेक्नोलॉजी, वित्त और राजनीति जगत की कई चर्चित हस्तियों के साथ बिल गेट्स का नाम भी दर्ज है। गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन को जुलाई 2019 में नाबालिगों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे अधिकारियों ने आत्महत्या बताया था।
