व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह से नगर निगम प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई कर रहा है उससे छोटे कारोबारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। कोलार व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में व्यापारी परेशान हैं और अब उनके सामने विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। मंगलवार को भी सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने अलग तरीके से प्रदर्शन किया था। कई व्यापारियों ने थाली और मंजीरा बजाकर अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
दूसरी ओर नगर निगम ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। निगम लगातार तीसरे दिन भी प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कार्रवाई करने की तैयारी में है। अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। नगर निगम की कार्रवाई के साथ ही व्यापारी संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया और सीलिंग की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई सभी पर समान रूप से नहीं हो रही है और छोटे कारोबारियों को अधिक परेशान किया जा रहा है जबकि प्रभावशाली और बड़े लोगों के प्रतिष्ठानों को लेकर भी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस संबंध में पूरी स्थिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाने की बात कही गई है।
भोपाल में यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से भी जुड़ी हुई है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से गठित जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई गई और मामले में पहले दिए गए राहत आदेशों को भी लेकर स्थिति बदली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है और इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट पेश करनी है।
इसी कारण शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई को तेज किया गया है। नगर निगम मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे कर रहा है। नदी और तालाब किनारे बने भवन ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट क्षेत्र में स्थित निर्माण प्राथमिक जांच के दायरे में रखे गए हैं। अवैध मैरिज गार्डन और नियमों के विरुद्ध संचालित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल में सीलिंग कार्रवाई और व्यापारियों के विरोध के बीच टकराव और तेज होने की संभावना बनी हुई है।
