कांग्रेस की योजना के मुताबिक दशहरे के अवसर पर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता सार्वजनिक सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान वोट चोरी के आरोपों से संबंधित जानकारी वाले पर्चे बांटेंगे। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर पदयात्रा साइकिल रैली और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी स्थानीय प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएगी। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार AICC के परिपत्र में दशहरे पर रावण की जगह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने का स्पष्ट निर्देश नहीं है। पुतला दहन को ब्लॉक स्तर पर आयोजित मार्च के समापन कार्यक्रम से जोड़ा गया है।
आंदोलन के अगले चरण में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से एसडीएम कार्यालय अथवा स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय तक मार्च निकालेंगी। कार्यक्रम के समापन पर संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ किया जाएगा और राष्ट्रगान गाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। कांग्रेस इन गतिविधियों के माध्यम से मताधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहती है।
पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक वोट बचाओ देश बचाओ चौपाल अभियान भी चलाएगी। इसकी शुरुआत प्रदेश और जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं तथा जिला अध्यक्षों की प्रेस कॉन्फ्रेंस से होगी। इसके बाद जिला स्तर पर समन्वय बैठकें और ब्लॉक स्तर पर बूथ लेवल एजेंट यानी BLA के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में मतदाता सूचियों की जांच और सत्यापन पर जोर रहेगा।
अभियान के तहत बूथ लेवल एजेंट उन मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए हैं या जिनकी प्रविष्टियों में गड़बड़ी की आशंका है। सत्यापन के बाद संबंधित रिकॉर्ड और मतदाता डोजियर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालयों में जमा किए जाएंगे। इसके बाद गांव-गांव में चौपाल लगाकर स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। इन चौपालों में प्रभावित बताए जा रहे मतदाताओं बुजुर्गों पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य नागरिकों को शामिल करने की योजना है। कांग्रेस कार्यकर्ता पर्चे बांटकर मतदाता सूची से जुड़े मामलों की जानकारी भी साझा करेंगे।
इस आंदोलन का एक बड़ा चरण 1 नवंबर को प्रस्तावित है। कांग्रेस के कार्यक्रम के मुताबिक नई दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के समन्वय से राष्ट्रीय रैली आयोजित की जाएगी। इसमें सांसदों विधायकों प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों फ्रंटल संगठनों तथा जमीनी कार्यकर्ताओं की भागीदारी का आह्वान किया गया है। इस रैली के जरिए पार्टी मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है।
नवंबर के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस दिल्ली कूच की तैयारी भी कर रही है। 25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली चलो कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तय रोडमैप के अनुसार मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता 25 नवंबर को ग्वालियर में एकत्र होंगे और अगले दिन वाहनों से दिल्ली रवाना होंगे। अन्य राज्यों से भी अलग-अलग मार्गों के जरिए यात्राओं को दिल्ली पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
आंदोलन के सभी चरणों के लिए प्रदेश जिला और ब्लॉक इकाइयों को वाहनों यात्रियों तथा रूट कैप्टन की जानकारी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। AICC कनेक्ट सेंटर और केंद्रीय नियंत्रण कक्ष अभियान की निगरानी तथा समीक्षा करेंगे। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह अभियान प्रदेश में कितना व्यापक होता है और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर आगे क्या राजनीतिक तथा प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
