कांग्रेस नेताओं के मुताबिक दिल्ली में होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं। दोपहर से ही कार्यकर्ताओं के दिल्ली रवाना होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी-4 की बैठक में यात्रा और व्यवस्थाओं को लेकर योजना बनाई गई है। इसमें कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर रामलीला मैदान पहुंच सकें।
पार्टी आलाकमान की ओर से भी संगठन को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत ग्वालियर में शहर और ग्रामीण कांग्रेस के नेताओं ने संयुक्त रूप से तैयारियों की समीक्षा की। बीते सप्ताह एआईसीसी पर्यवेक्षक चंद्रकांत हांडोरे पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा और प्रदेश प्रभारी पीसी शर्मा भी ग्वालियर पहुंचे थे। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों को रैली से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
इस रैली के जरिए कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी में है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि भाजपा की ओर से कथित वोट चोरी की जा रही है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनाव व्यवस्था में निष्पक्षता जरूरी है।
ग्वालियर कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली पहुंचने के लिए अलग-अलग रास्ते अपनाने का फैसला किया है। उनका दावा है कि इतनी बड़ी रैली में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोके जाने की आशंका है। कांग्रेस नेताओं को डर है कि सड़क मार्ग से आने वाले वाहनों को दिल्ली के बाहरी इलाकों में ही रोकने की कोशिश की जा सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए केवल बसों और कारों पर निर्भर रहने के बजाय रेल मार्ग से भी कार्यकर्ताओं को भेजने की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी हवाई मार्ग से भी दिल्ली पहुंचेंगे। कांग्रेस का मानना है कि अलग-अलग माध्यमों से रवाना होने पर कार्यकर्ताओं के रामलीला मैदान तक पहुंचने में आसानी होगी। हालांकि रास्ते में रोकने की आशंका पार्टी नेताओं का दावा है और इस संबंध में किसी आधिकारिक प्रतिबंध की जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल ग्वालियर कांग्रेस का पूरा जोर दिल्ली की रैली में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर है। 90 कारों 10 बसों और रेल तथा हवाई मार्ग से कार्यकर्ताओं के रवाना होने की तैयारी के बीच अब नजर इस बात पर रहेगी कि ग्वालियर से कितने कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचते हैं और रामलीला मैदान में होने वाली रैली में पार्टी अपनी कितनी ताकत दिखा पाती है।
