ग्वालियर के साडा क्षेत्र में प्रस्तावित यह परियोजना औद्योगिक विकास और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके लिए पहले 12 अक्टूबर को भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था लेकिन अमित शाह की व्यस्तता के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद 29 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। इस बार भी कार्यक्रम आगे बढ़ने से परियोजना के औपचारिक शुभारंभ का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आयोजन की नई तारीख अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुई है।
अमित शाह के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की योजना बनाई जा रही थी। वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के बीच समन्वय और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा था। कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी साडा के साथ मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपी गई है। दौरा स्थगित होने के बाद अब नई तारीख के अनुसार व्यवस्थाओं को दोबारा तैयार करना होगा।
प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की सबसे बड़ी खासियत इसका आकार और तकनीकी क्षेत्र पर केंद्रित होना है। योजना के तहत साडा क्षेत्र में करीब 170 एकड़ जमीन पर टेलीकॉम टेक्नोलॉजी से जुड़ा एकीकृत इकोसिस्टम विकसित किया जाना है। मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य दूरसंचार उपकरणों के निर्माण और आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
परियोजना में 5जी और भविष्य की 6जी तकनीक से संबंधित उपकरणों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। शुरुआती स्तर पर करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 4500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों की घोषणा की गई है। भविष्य में इस क्षेत्र में आठ से नौ हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। यदि योजना के मुताबिक औद्योगिक गतिविधियां आगे बढ़ती हैं तो ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में तकनीकी कौशल वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ आपूर्ति श्रृंखला और सहायक कारोबार के विस्तार की भी संभावना है। हालांकि इन संभावित लाभों को जमीन पर उतारने के लिए परियोजना का समय पर विकास और निवेश का वास्तविक क्रियान्वयन अहम होगा। फिलहाल सभी की नजर भूमिपूजन की नई तारीख पर टिकी है। दिवाली के बाद अमित शाह के ग्वालियर दौरे की तारीख तय होने के साथ ही आयोजन और परियोजना के अगले चरण को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
