प्रसादम काउंटर पर सांची के शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से तैयार बेसन के लड्डू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन्हें दो पैक में रखा गया है। 100 ग्राम का पैकेट 40 रुपए और 200 ग्राम का पैकेट 80 रुपए में उपलब्ध होगा। प्रतिदिन प्रातः और संध्याकालीन आरती के दौरान भगवान को भोग लगाने के बाद यही प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित और विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिससे भक्तों को मंदिर का पवित्र प्रसाद सहजता से मिल सके।
इस व्यवस्था की सबसे विशेष बात यह है कि अब मंदिर आने की आवश्यकता नहीं होगी। देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से प्रसाद मंगवा सकेंगे। इससे दूर बैठे भक्त भी बाबा जटाशंकर महादेव की कृपा और आशीर्वाद से जुड़ सकेंगे। प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि में प्रति किलोग्राम 100 रुपए का अंशदान मंदिर को समर्पित किया जाएगा जिससे मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों को भी सहयोग मिलेगा।
प्रसादम व्यवस्था की शुरुआत शुजालपुर निवासी कृष्णपाल ने की है जो इससे पहले नलखेड़ा स्थित माता बगुलामुखी मंदिर और बोलाई हनुमान मंदिर में भी इस तरह की व्यवस्था का सफल संचालन कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में इस पूरी व्यवस्था का संचालन और खर्च निजी विक्रेता द्वारा वहन किया जाएगा। इससे मंदिर प्रबंधन पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में भगवान जटाशंकर महादेव का विधिवत पूजन कर प्रसाद का भोग लगाया गया जिसके बाद प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष बबीता परमार सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधा का सुंदर संगम बताया।
श्रद्धालुओं ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया। पहले ही दिन प्रसादम काउंटर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और केवल दो घंटे के भीतर लगभग एक क्विंटल प्रसाद की बिक्री हो गई। इससे साफ है कि श्रद्धालुओं में इस सुविधा को लेकर उत्साह है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ साथ देश विदेश में बसे भक्तों के लिए भी आस्था का मजबूत माध्यम बनेगी।
