छह साल पुराने गेहूं के मामले पर नजर
कैबिनेट बैठक के प्रमुख विषयों में वर्ष 2020-21 के दौरान खरीदे गए चमकविहीन गेहूं के निराकरण का मामला शामिल है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं के टेंडर के जरिए निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने और 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निराकरण को कार्योत्तर मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी। कार्योत्तर मंजूरी का अर्थ किसी कार्य या प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उसके लिए औपचारिक स्वीकृति लेने से है। हालांकि बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी या नहीं इसका फैसला कैबिनेट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने पर चर्चा
जल संसाधन विभाग की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में शामिल हैं। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना और पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं की निरंतरता को लेकर सरकार विचार करेगी। इसके साथ पांच वर्ष की अवधि वाली एक वृहद परियोजना को आगे जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में रखा गया है। इन प्रस्तावों का संबंध सिंचाई व्यवस्था और परियोजनाओं के काम को निरंतर आगे बढ़ाने से है।
वन विभाग की कैम्पा निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने नवगठित जिलों निवाड़ी मऊगंज पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए नए पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा है। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
पेंशन और चिकित्सा बिलों पर भी विचार
कैबिनेट के एजेंडे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों की पेंशन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रस्ताव में सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार की देय पेंशन वापस लेने का विषय रखा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत पूर्व सहायक यंत्रियों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। इनमें बड़वानी जिले की जनपद पंचायत निवाली का मामला शामिल है।
गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से जुड़े पुराने प्रकरण पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल और दिवंगत आरक्षक 515 अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पतालों में हुए उपचार के चिकित्सा देयकों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी रखे गए हैं। जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चिकित्सा देयकों के भुगतान का मामला भी बैठक में शामिल है।
योजनाओं की निरंतरता और संविदा नियुक्तियां
सामान्य प्रशासन विभाग के एजेंडे में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू के वेतन भत्ते प्रशासनिक भवन निर्माण और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजना जारी रखने का प्रस्ताव है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने पर भी विचार किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के स्वीकृत मदों को इसी अवधि तक जारी रखने का प्रस्ताव भी शामिल है।
आनंद विभाग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव रखा गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग में शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य न्यायिक पद पर नियुक्ति और संस्कृति विभाग में सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संविदा नियुक्ति देने के विषय पर भी चर्चा होगी। अब इन सभी प्रस्तावों पर कैबिनेट के फैसले का इंतजार रहेगा।
