मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय एक अन्य चक्रवाती सिस्टम के कारण मजबूत मौसमीय परिस्थितियां बनी हुई हैं। यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक बारिश करा रहा है। आने वाले दिनों में इसके कमजोर होकर पहले अवदाब और फिर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
इन जिलों में भी होगी बारिश
बुधवार को भोपाल, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।
मंगलवार को भी कई जिलों में बरसे बादल
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि मुरैना समेत कई जिलों में तेज वर्षा रिकॉर्ड की गई। रात के समय भी कई इलाकों में मौसम सक्रिय बना रहा।
अब तक 17% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 13.6 इंच (345.9 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 16.5 इंच (418.4 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में इस कमी के घटने की उम्मीद है।
1 अगस्त तक रहेगा असर
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
