मौसम विभाग के अनुसार बालाघाट सिवनी छिंदवाड़ा नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान लगभग 4 इंच तक वर्षा हो सकती है। वहीं देवास सीहोर हरदा बैतूल पांढुर्णा सागर नरसिंहपुर दमोह जबलपुर और छतरपुर सहित अन्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। विभाग ने बिजली गिरने तेज हवाएं चलने और जलभराव जैसी स्थितियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से यह मजबूत मौसम प्रणाली बनी हुई है। यह सिस्टम ओडिशा दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्यप्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में इसके धीरे धीरे कमजोर होकर अवदाब और फिर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है लेकिन तब तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बालाघाट में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण दैतबर्रा मंगलेगांव पुल टोंडिया नाला और थानेगांव का नाला पूरी तरह उफान पर हैं। सुरक्षा के लिहाज से कई मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नालों को पार करते दिखाई दिए। टोंडिया नाले का पानी एक ढाबे तक पहुंच गया जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बैहर परसवाड़ा मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
ग्वालियर में भी बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत दिलाई। वहीं भोपाल इंदौर उज्जैन रीवा सतना शहडोल धार खरगोन खंडवा बुरहानपुर रतलाम मंदसौर नीमच विदिशा राजगढ़ शिवपुरी मुरैना भिंड दतिया कटनी मंडला डिंडौरी सीधी सिंगरौली पन्ना टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम और कहीं कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 13.6 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 16.5 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते आगामी चार दिनों में अच्छी बारिश होने से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के पास जाने से बचने जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
