जानकारी के अनुसार नरवर में नवरात्र के अवसर पर स्थापित माता की प्रतिमाओं को नवमी की शाम नगर भ्रमण कराया जा रहा था। इसके बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लखना तालाब ले जाया जा रहा था। जुलूस में श्रद्धालु शामिल थे और प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान जुलूस में शामिल दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में हुआ विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए।
कुछ ही देर में विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। दोनों ओर से युवकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। जुलूस के दौरान अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद झगड़े को शांत कराया गया और मौके पर स्थिति को संभाला गया।
माता की प्रतिमाओं का विसर्जन धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन होता है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जुलूस के बीच मारपीट की घटना से आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और इसमें शामिल लोगों के बीच पहले से कोई रंजिश थी या नहीं इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हुई थी। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच या संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नरवर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत नहीं मिलने के कारण फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में विवाद शांत करा दिया गया था। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल घटना में शामिल युवकों की पहचान और विवाद की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माता विसर्जन जुलूस के दौरान हुई इस मारपीट ने धार्मिक आयोजन के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और जुलूस के दौरान व्यवस्था संभाली। अब तक किसी पक्ष की शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में अगला कदम शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होगा।
